अक्टूबर महीने के जीएसटी कलेक्शन ने एक लाख करोड़ के आंकड़े को किया पार

नई दिल्ली। त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने और कर चोरी रोकने के सरकार के प्रयासों से मासिक जीएसटी संग्रह अक्टूबर में एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल के बाद यह दूसरा मौका है जब मासिक संग्रह दूसरी बार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है। हालांकि अन्य महीनों में जीएसटी संग्रह 95,000 करोड़ रुपये के आसपास रहा है।

वित्त मंत्रालय के अनुसार अक्टूबर में 67.45 लाख कारोबारियों ने जीएसटी रिटर्न जीएसटीआर-3बी दाखिल कर 1,00,710 करोड़ रुपये कर भुगतान किया। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ट्वीट कर कहा कि जीएसटी की सफलता निचली दरें, टैक्स चोरी पर अंकुश, बेहतर अनुपालन, एकल टैक्स व्यवस्था और अधिकारियों के न्यूनतम हस्तक्षेप में निहित है।

मंत्रालय के अनुसार जिन राज्यों में जीएसटी संग्रह में असाधारण वृद्धि दर्ज की गयी है उनमें केरल में 44 प्रतिशत, झारखंड में 20 प्रतिशत, राजस्थान में 14 प्रतिशत, उत्तराखंड में 13 प्रतिशत और महाराष्ट्र 13 प्रतिशत बढ़ोतरी शामिल है। उल्लेखनीय है कि चालू वित्त वर्ष में अप्रैल में जीएसटी संग्रह 1.03 लाख करोड़ रुपये रहा था। इसके बाद मई में 94,016 करोड़ रुपये, जून में 95,610 करोड़ रुपये, जुलाई में 96,483 करोड़ रुपये, अगस्त में 93,960 करो़ड़ रुपये और सितंबर में 94,442 करोड़ रुपये जीएसटी संग्रह हुआ था।

अक्टूबर में जीएसटी के जरिये जुटाए गए एक लाख करोड़ रुपये में 16,464 करोड़ रुपये केंद्रीय जीएसटी, 22,826 करोड़ रुपये राज्य जीएसटी, 53419 करोड़ रुपये आइजीएसटी और 8000 करोड़ रुपये सेस की राशि शामिल है। आइजीएसटी के रूप में जुटायी गयी राशि में से 26,908 करोड़ रुपये आयात पर आइजीएसटी के रूप में जुटाए गए हैं। अक्टूबर में जीएसटी संग्रह बढ़ने का मतलब यह है कि सितंबर में खरीद-फरोख्त में तेजी आयी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मासिक जीएसटी संग्रह बढ़ने से चालू वित्त वर्ष में सरकार को खजाना भरने में मदद मिलेगी। चालू वित्त वर्ष में सरकार ने औसतन हर माह एक लाख करोड़ रुपये जीएसटी संग्रह का लक्ष्य रखा है। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में इसमें और वृद्धि होगी।