अखाड़ा परिषद ने जारी की फर्जी बाबाओं की दूसरी सूची

अखाडा परिषद् से जुडी एक बड़ी खबर सामने आ रही है |जिसमे धर्म के नाम पर ठगने वाले फर्जी बाबाओ की फिर से एक सूचि जारी की गयी है |इसमें कई नाम शामिल है |आपकी जानकारी के लिए बताते दे की अखाडा परिषद् इसके पहले भी एक सूचि जारी कर चूका है | आश्चर्य  की बाततो यह है की   सरकार द्वारा गठित कुंभ मेला विकास प्राधिकरण में अखाड़ा परिषद के सदस्यों को शामिल नहीं किया गया है।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की कल  हुई बैठक में फर्जी बाबाओं की दूसरी सूची जारी की गई, जिसमें दिल्ली के वीरेन्द्र दीक्षित कालनेमी,  सच्चिदानंद सरस्वती और इलाहाबाद की त्रिकाल भवंता के नाम शामिल हैं। परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सभी 13 अखाड़ों के प्रमुख शामिल हुए।वही पर अखाडा परिषद् के अध्यक्ष ध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि ने कहा कि हम जनता से अपील करते हैं कि लोग ऐसे बाबाओं से सतर्क रहे, जो किसी परंपरा या संप्रदाय से नहीं हैं। साधु, संत, संन्यासी परंपरा, उदासीन परंपरा, नाथ परंपरा, वैष्णव संप्रदाय, शिव संप्रदाय आदि से आते हैं, वहीं फर्जी बाबाओं की कोई परंपरा या संप्रदाय नहीं है।इससे पहले 10 सितंबर को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने फर्जी बाबाओं की पहली सूची जारी थी जिसमें 14 नाम शामिल थे। इनमें आसाराम बापू, गुरमीत राम रहीम, सुखविंदर कौर उर्फ राधे मां, सच्चिदानंद गिरि, ओमबाबा उर्फ विवेकानंद झा, निर्मल बाबा जैसे कई नाम शामिल थे | उन्होंने कहा कि परिषद के सदस्यों ने यह भी प्रस्ताव रखा कि अलवर के फलाहारी बाबा पर लगाए गए आरोप के मद्देनजर अदालत का निर्णय आने तक उनको निलंबित किया जा रहा है।बता दे की फर्जी बाबाओ की पहली सूचि आने के बाद भी विवाद उत्पन्न हुआ था |देखने वाली बात यह होगी की अब जब अखाडा परिषद् ने दूसरी सूचि जारी की है तो किस तरह की प्रतिक्रियाए सामने आती है |