अखिल भारतीय सेवा के अफसर सरकारी आवास की तलाश में

तबादले के बाद अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को भोपाल में सरकारी बंगला मिलना इन दिनों मुश्किल हो रहा है। महीनों से कई अधिकारी सरकारी छत की तलाश में घूम रहे हैं, जिनमें भारतीय पुलिस सेवा के सबसे ज्यादा चार अधिकारियों ने मजबूरी में पुलिस ऑफिसर्स मेस में परिवार के साथ डेरा डाल रखा है।

जानकारी के मुताबिक गृह विभाग में भारतीय पुलिस सेवा के चार अफसरों 1992 बैच के डीसी सागर व डी. श्रीनिवास राव, 1994 बैच के आशुतोष राय व अनंत कुमार सिंह को अब तक सरकारी बंगला नहीं मिला है। ये चारों अपने परिवार के साथ पुलिस ऑफिसर्स मेस में रह रहे हैं। इनमें से एक अधिकारी को भोपाल से स्थानांतरित एक आईपीएस अधिकारी का बंगला आवंटित हो गया था, लेकिन उन्होंने परिवार के कारण इसे खाली करने से मना कर दिया।

वहीं एक रिटायर्ड अधिकारी के आधिपत्य वाला बंगला एक अन्य अधिकारी को आवंटित किया गया। इनके छह महीने तक बंगला छोड़ने की संभावना नहीं है। इस कारण वे अभी तक वहां शिफ्ट नहीं हुए हैं। 1995 बैच की एक अन्य आईपीएस मीनाक्षी शर्मा भी काफी समय तक सरकारी बंगले के लिए प्रतीक्षा करती रहीं और उन्हें हाल ही में आवास मिला है।

बड़े बंगले के लिए भी लाइन में अफसर

आईपीएस के अलावा आईएएस शमीमुद्दीन, रजनी सिंह और मुकेश चंद्र गुप्ता, आईएफएस प्रभात कुमार वर्मा, विभाष कुमार ठाकुर व लालसिंह रावत के सरकारी बंगले संंबंधी आवेदन भी गृह विभाग में लंबित हैं। इनमें से कुछ आवेदन पात्रता के मुताबिक बड़े बंगले आवंटन संबंधी हैं। बंगलों के टाइप परिवर्तन को लेकर कई अफसर पात्रता के बाद भी आवासों की कमी के चलते संवेदनशील नहीं हैं।