अजमेर में आयकर विभाग की छापामारी से हड़कंप। चेतन सर्राफ के परिजनों से जुड़े संस्थानों पर जांच।

एस.पी.मित्तल

23 फरवरी को आयकर विभाग की छापामार कार्यवाही से अजमेर के व्यापार जगत में हड़कंप मच गया है। पहले सर्राफा कारोबार और फिर जमीन-जायदाद, चिकित्सा, ट्रेडिंग आदि के व्यापार में मशहूर हुए गोयल बंधुओं के कई ठिकानों पर 23 फरवरी की सुबह से ही आयकर अधिकारियों ने जांच का काम शुरू कर दिया। जांच के दौरान कोई बाधा न हो इसलिए संस्थानों के बाहर सशस्त्र जवान तैनात किए गए। जांच का काम गोयल परिवार से जुड़े चेतन गोयल, ब्रजमोहन गोयल आदि के पुष्कर रोड स्थित जोगराज नगर के आवासों, खाईलैण्ड स्थित प्रतिष्ठान मधुरम, नया बाजार स्थित ज्वैलर्स के शोरूम, जेएलएन अस्पताल के सामने अग्रवाल एक्सरे आदि पर किया जा रहा है। आयकर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर एम रघुवीर ने सर्च की पुष्टी की है। उन्होंने कहा कि अभी सभी संस्थानों पर जांच चल रही है। गोयल परिवर से जुड़े संस्थानों की ओर से नोटबंदी के दौरान करोड़ों रुपए की राशि बैंकों में जमा कराई गई थी। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि जमाराशि का स्त्रोत क्या है। इसी परिवार के पास रामदेव मसाले, फोर स्क्वायर सिगरेट आदि की एजेंसियां भी है।
व्यापार जगत में हड़कंप :
आयकर विभाग की ताजा कार्यवाही से अजमेर के व्यापार जगत में हड़कंप मच गया है। जिन लोगों ने नोटबंदी के दौरान सामान्य से अधिक राशि बैंकों में जमा करवाई है, अब वे घबराए हुए हैं। पिछले दिनों ही आयकर विभाग की टीम बिल्डर राकेश जैन के यहां जांच करने गई थी तो चार करोड़ रुपए की अघोषित सम्पत्ति उजागर हो गई। जबकि जैन की ओर से नोटबंदी में 73 लाख रुपए की जमा कराए थे। इसी प्रकार डॉ. रमेश क्षेत्रपाल के चिकित्सा कारोबार की जांच की तो 8 करोड़ की अघोषित सम्पत्ति का पता चला। हाल ही में सिगरेट आदि के कारोबारी के यहां 12 करोड़ की आय का पता चला। आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार अजमेर के कई कारोबारी जांच के दायरे में है, जिनमें भू-कारोबारी तो हैं ही साथ ही शिक्षा, चिकित्सा, हलवाई, कैटर्स, समारोह स्थल, होटल आदि के कारोबार से जुड़े लोग भी शामिल हैं।