अधूरी रह गई विनोद खन्ना की आखिरी ख्वाहिश…

विनोद खन्ना  संसार से रुखसत हो गए लेकिन उनकी आखिरी ख्वाहिश पूरी नहीं हो पाई। लोगों के दिलों में उनकी याद जिंदा रहेगी और विनोद खन्ना के परिवार के मन में यह टीस बनी रहेगी कि विनोद की दिली ख्वाहिश उनके दिल में ही विदा हो गई।

पाकिस्तान के सांस्कृतिक कार्यालय के अनुसार विनोद खन्ना मरने से पहले एक बार पाकिस्तान के पेशावर आना चाहते थे। खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत के सांस्कृतिक धरोहर परिषद के महासचिव शकील वहीदुल्लाह ने 2014 में भारत में खन्ना से मुलाकात की थी।

उन्होंने बताया, ‘अपने ऑटोग्राफ में विनोद खन्ना ने पेशावर के लोगों के लिए अपना प्यार भेजा था और अपने पुश्तैनी शहर आने की इच्छा जताई थी। वह वो जगह देखना चाहते थे जहां उनके माता-पिता और पूर्वजों रहे हैं।’ उन्होंने बताया कि विनोद खन्ना ने इसके लिए आग्रह भी किया था लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत का सांस्कृतिक धरोहर परिषद जल्द ही उनकी याद में एक कार्यक्रम का आयोजन करेगा।

पाकिस्तान के जाने-माने फिल्म इतिहासकार मुहम्मद इब्राहिम जिया ने भी 2014 में विनोद खन्ना और दिलीप कुमार से मुलाकात की थी। उन्होंने बताया कि पेशावर में विनोद खन्ना का घर पाकिस्तान ऑल विमेन्स असोसिएशन द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है। विनोद खन्ना का जन्म पेशावर में 6 अक्टूबर 1946 में हुआ था। उनके पिता मेह चंद वहां के जाने-माने बिजनेसमैन थे। आजादी के बाद उनका परिवार मुंबई में आ कर बस गया था।

Leave a Reply