अबु सलेम के टारगेट पर थे हिंदू, मुंबई ब्लास्ट पर ये हैं कोर्ट की 10 बड़ी बातें

मुंबई हमलों में सुनवाई करते हुए टाडा कोर्ट ने अबू सलेम सहित छह आरोपियों को दोषी मानते हुए एक आरोपी को बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया। सरकारी वकील डीएन साल्वी ने आरोपियों पर की गई कोर्ट की टिप्पणी के बारे में जानकारी दी।
डीएन साल्वी ने बताया कि कोर्ट ने अबू सलेम को हमले का मुख्य साजिशकर्ता माना।
कोर्ट ने माना अबू सलेम ने वारदात की साजिश रची और हथियारों को भरूच से मुंबई लेकर आया। इसी मामले में अबू सलेम को साजिश रचने और हत्या का दोषी माना।
अबू सलेम ने सारे विस्फोटक अपने पास रखे और उन्हें धीरे-धीरे हमलावरों तक पहुंचाया।
कोर्ट के अनुसार वारदात की साजिश मुस्तफा डोसा के दुबई स्थित घर पर रची गई। वहीं मुंबई के सारे गैंगस्टर इकट्ठा हुए।
एक अन्य दोषी ताहिर मर्चेंट ने आरोपियों को ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान भेजा, उनके खाने पीने रहने का इंतजाम वही करता था।
दोषियों ने बाबरी मस्जिद का बदला लेने के लिए मुंबई बम धमाकों को अंजाम दिया।
हमलावरों के निशाने पर हिंदू लोग थे।
सलेम के कहने पर अनीस इब्राहिम और सलीम टुंडला को हथियार दिए गए।
गुजरात के रास्ते आए विस्फोटक के जरिए अबु सलेम बड़े नेताओं और पुलिस अधिकारियों को उड़ाना चाहता था।