अब आ रही है Digital Pill, दवा लेना भूले तो ऐसे करेगी अलर्ट

नई दिल्ली : समय पर दवाई नहीं ले पाना एक आम समस्या है, अक्सर आपने परिजनों को भी यह कहते सुना होगा कि आज मैं दवाई लेना भूल गया या भूल गई. कुछ लोग तो दवाई भूलने के बाद अपने परिजनों और डॉक्टर से झूठ बोल देते हैं कि उन्होंने समय पर दवाई ली है. लेकिन अब यह झूठ छिपाया नहीं जा सकेगा. जी हां, अमेरिकन फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने ऐसी दवाई को मंजूरी दी है, जिसमें सेंसर लगे हुए हैं. यह दवाई मरीज का झूठ आसानी से पकड़ लेगी.

इस दवा को लेने के बाद चिकित्सक को आसानी से पता चल जाएगा कि आपने दवा ली है या नहीं. या आपने दवा का सेवन कब किया है. दरअसल किसी भी रोग में डॉक्टर की तरफ से मरीज की बीमारी के हिसाब से उसकी दवा की डोज तय की जाती है. लेकिन यदि दवा, सही समय पर नहीं ली जाती तो ऐसे में मुश्किल बढ़ जाती है. एफडीए की तरफ से बताया गया कि एंटी-साइकाटिक ड्रग एबिलिफी मायसाइट पहली ऐसी मेडिसन है, जिसमें डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लगा हुआ हैइस डिजीटल पिल को सिलिकॉन वैली की प्रोटीयस डिजिटल हेल्थ और जापानी फार्मा कंपनी ने मिलकर तैयार किया है. यह पिल सिजोफ्रेनिया, बायपोलर आई डिस्ऑर्ड के साथ उम्रदराज लोगों में डिप्रेशन के उपचार में काम आती है. इस पिल से खर्च बचने की भी बात कही जा रही है. हर उम्र वर्ग के लोगों में समय पर दवाई लेना भूलने की समस्या आम है. लाखों रोगियों के साथ यह परेशानी रहती है कि वे समय पर दवाएं लेना भूल जाते हैं.

ऐसे करेगी काम
यह डिजीटल पिल एक इंटरनल सेंसर से इंफारमेशन लेकर वियरेबल पैच तक पहुंचाती है. इसके बाद दवा लेने से जुड़ा डाटा स्मार्टफोन एप, देख-रेख करने वाले व्यक्ति और मरीज की स्थिति पर नजर रख रहे डॉक्टर तक पहुंचाया जाता है. रोगी के लेने के बाद जब यह पिल पेट में पाए जाने वाले एसिड के साथ मिलती है तो इससे इलेक्ट्रिकल सिग्नल जेनरेट होते हैं. इस गोली में कॉपर, मैगनीशियम और सिलिकॉन होते हैं, जो पूरी तरह सेफ हैं.इस पिल से जेनरेट होने वाले डाटा को साझा करने से पहले मरीजों को एक सहमति पत्र पर दस्तखत करने होते हैं. डिजिटल निगरानी के लिए यदि मरीज सहमति जताता है तो डॉक्टर के अलावा परिवार के चार अन्य लोगों के पास यह इलेक्ट्रॉनिक डाटा खुद ब खुद पहुंच जाएगा. इससे साफ पता चल जाएगा कि मरीज ने समय पर दवाई ली या नहीं..