अमिताभ को महानायक बनाने में इस एक्टर का हाथ

बॉलीवुड में शत्रुघ्न सिन्हा एक ऐसा नाम है जिन्होंने खलनायक का किरदार निभाकर दर्शकों का प्यार पाया। परदे पर एंट्री करते ही सिनेमाहॉल में तालियों से शत्रु का स्वागत किया जाता था। ‘खामोश’ डायलॉग से बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाने वाले एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा ने सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘शोले‘ और ‘दीवार‘ को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने अपने फिल्मी करियर की गलतियों को गिनाते हुए बताया कि आखिर उन्होंने आज तक अमिताभ की फिल्म ‘शोले‘ और ‘दीवार‘ क्यों नहीं देखी।

शत्रुघ्न सिन्हा ने बताया कि ‘शोले‘ फिल्म के डायरेक्टर रमेश सिप्पी ने अमिताभ बच्चन के रोल के लिए पहले शत्रुघ्न को ऑफर किया था। मगर शत्रुघ्न ने ‘शोले‘ में काम करने से मना कर दिया था। ऐसे ही अमिताभ की फिल्म ‘दीवार‘ के लिए भी उन्हें ऑफर किया गया था। मगर उन्होंने उस में भी काम करने से मना कर दिया। जिसके बाद अमिताभ की ये दोनों फिल्में इतनी हिट हुई कि वो सदी की महानायक बन गए।

मगर शत्रुघ्न ने इस बात के लिए खुशी भी जाहिर की कि उनका दोस्त महानायक बना। आपको बता दें कि इसी बात के चलते शत्रुघ्न ने अमिताभ की दोनों फिल्मों को आज तक नहीं देखा है।

एक दौर ऐसा आया जब एंग्री यंग मैन अमिताभ बच्चन के साथ शत्रुघ्न की एक के बाद एक अनेक फिल्में रिलीज होने लगीं। 1979 में यश चोपड़ा के निर्देशन की महत्वाकांक्षी फिल्म ‘काला पत्थर‘ आई थी। यह फिल्म बिहार की कोयला खदान चसनाला में पानी भर जाने और सैकडों मजदूरों को बचाने की सत्य घटना पर आधारित थी। फिल्म में शत्रुघ्न ने मंगल सिंह नामक अपराधी का रोल किया था। काला पत्थर तो नहीं चली लेकिन अमिताभ-शत्रु की टक्कर को दर्शकों ने खूब पसंद किया। बाद में अमिताभ-शत्रुघ्न ने फिल्म ‘दोस्ताना‘, ‘शान‘,व ‘नसीब‘ जैसी फिल्मों में साथ-साथ आए। दोनों अच्छे दोस्त बन गए थे, लेकिन बाद में गलतफहमियां पैदा हो गईं।

इतना  ही नहीं शत्रुघ्न ने फिल्म में अपनी विलन की भूमिका के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि मेरे खलनायक बनने के रोल को लोगों ने बहुत पसंद किया था। जब भी वो पर्दे पर आते थे तो लोग तालियों से उनका स्वागत करते थे। उन्होंने कहा कि खलनायक बनकर लोगों की तालियां पाना बहुत मुश्किल काम होता है।