अलसुबह 20 बच्चों की टोली गांव की कर रही सफाई

दिवाली के दस दिन पहले से ग्राम चिल्हाटीकला में बच्चों की स्वच्छता टोली का गठन किया गया है। जिसमें 20 बच्चे ग्रामीणों को स्वछता अभियान से प्रेरित करने अनूठी पहल कर रहे हैं। यह बच्चे सुबह 4 बजे से उठकर गांव के चौक चौराहों सार्वजनिक जगहों गलियों की सफाई कर दो घंटे में चकाचक कर देते हैं। जब ग्रामीण सोकर उठते हैं तो वह अपने आसपास के वातावरण को साफ सुथरा पाते हैं। सफाई के बाद बच्चे रैली निकालकर निगरानी भी करते हैं कि ग्रामीण कहीं वापस साफ किए जगह को गंदा न करें।

जो ग्रामीण अक्सर गंदगी करते हैं उन्हें समझाइश भी देते हैं। उनसे बकायदा लिखित में सहमति भी लेते हैं कि अब मैं दोबारा गंदगी नहीं करूंगा। एक हफ्ते में लगभग 50 ग्रामीणों से बच्चों ने ऐसा ही लिखित सहमति ले लिया है। ऐसे सहमति देने वाले ग्रामीणों को भी वे अपने स्वछता अभियान में जोड़ते हैं। ग्रामीण भी उनसे प्रेरित होकर बच्चों के साथ सफाई करने में जुट गए हैं। धीरे-धीरे ही सही लेकिन अब ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति सोच बदलने लगी है। गांव के ही शिक्षक कमलकांत साहू ने उन बच्चों को मार्गदर्शित किया है। शिक्षक व बच्चों का मानना है कि गांव में गंदगी से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।

बालोद. ग्राम चिल्हाटीकला में टेली का गठन किया गया है। सुबह चार से छह बजे तक बच्चे गांव में करते हैं साफ-सफाई।

खुले में शौच जाने वालों को भी टोकते हैं यहां के बच्चे

खुले में शौच जाने वालों को भी बच्चे टोकते हुए शौचालय का इस्तेमाल करने निवेदन करते है। खुले में शौच से होने वाले नुकसान के बारे में ग्रामीणों को बताते हैं। बच्चों ने मिलकर यह पहल शुरू की है कि घर के साथ गांव को भी साफ सुथरा रखेंगे। इस काम में ग्रामीणों को भी जोड़ेंगे। बच्चों ने बताया कि रोजाना सुबह 4 से 6 बजे यानि दो घंटे तक बच्चों का सिर्फ साफ-सफाई ही काम रहता है।