आतंकियों की साजिश को नाकाम बनाए सेना : निर्मला सीतारमण

जम्मू। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने सेना को जम्मू-कश्मीर में पंचायत और निकाय चुनाव में हालात बिगाड़ने की आतंकी साजिश को नाकाम बनाने के निर्देश दिए हैं।

रविवार को थलसेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के साथ रक्षा मंत्री राज्य के दौरे पर पहुंचीं। रक्षा मंत्री ने राज्य की मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों व उनसे निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी ली।

कश्मीर में ईद के बाद से आतंकी गतिविधियों में तेजी आई है। इस दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों व राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने के साथ पुलिसकर्मियों के 12 रिश्तेदारों को भी अगवा किया गया था।

ऐसे हालात में राज्य दौरे पर आईं रक्षा मंत्री ने हालात का जायजा लेने के साथ उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा का भी दौरा किया।

इससे पहले श्रीनगर पहुंचने पर रक्षा मंत्री व थलसेना अध्यक्ष का स्वागत उत्तरी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिह व सेना की चिनार कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल एके भट्ट ने किया।

कुपवाड़ा में फील्ड कमांडरों ने रक्षा मंत्री को ऑपरेशनल तैयारियों के बारे में बताया। रक्षा मंत्री ने नियंत्रण रेखा पर दुश्मन के मंसूबे नाकाम बना रहे सेना के जवानों से बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया।

रक्षा मंत्री ने उम्मीद जताई कि सैनिक नियंत्रण रेखा पर सीमा पार से घुसपैठ की कोशिश विफल करेंगे। राज्यपाल से की मुलाकात रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को श्रीनगर में राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मुलाकात कर जम्मू-कश्मीर में अक्टूबर से दिसंबर के बीच होने वाले पंचायत व निकाय चुनाव की सुरक्षा पर चर्चा की।

चुनाव की घोषणा के साथ ही कश्मीर में आतंकवादियों ने लोगों को इन चुनावों से दूर रहने की धमकियां देनी शुरू कर दी हैं। ऐसे में राज्यपाल व रक्षा मंत्री की बैठक में आतंकवादियों के मंसूबों को नाकाम बनाकर चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने पर चर्चा हुई।

सेना आतंकवादियों पर दवाब बनाएगी ताकि वे चाह कर भी कोई वारदात न कर पाएं। रक्षामंत्री ने उम्मीद जताई कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल के रूप में सत्यपाल मलिक का कार्यकाल कामयाब रहेगा।