आयकर की पहली बड़ी कार्रवाई, बिजनेस मैन के यहां मिली बेनामी संपत्ति

भोपाल।बेनामी संपत्तियों को खंगाल रहे आयकर विभाग को मप्र-छग में पहली बड़ी सफलता हाथ लगी है। रायगढ़ (छत्तीसगढ़) में रियल स्टेट, ऑटो मोबाइल डीलर और ज्वैलरी शोरूम के संचालक अरुण सोनी व नितिन अग्रवाल की एक साथ 58 प्रॉपर्टी (85 एकड़ जमीन) आयकर विभाग ने अटैच करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसे दसवीं पास एक व्यक्ति संतोष गौतम के नाम पर खरीदा गया था।
रायगढ़ के साथ भोपाल और इंदौर में भी आयकर विभाग को कुछ बेनामी संपत्तियों का पता चला है, जिसकी जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार रायगढ़ में गौतम नाम के इस शख्स की सप्तऋषि फर्म (ब्रीफकेस कंपनी) भी मिली है, जिसके जरिए गड़बड़ी की गई। इसी फर्म के दस्तावेजों की जांच में पता चला कि इसका जुड़ाव अरुण सोनी व नितिन अग्रवाल की फर्म के साथ है। पूरी जमीन आदिवासियों की है, जिसे खरीदा गया है। बेनामी प्रॉपर्टी का बाजार मूल्य करीब 15 करोड़ रुपए आंका गया है। आयकर विभाग ने पीबीपीटी एक्ट की धारा 24 (1) (प्रॉहिबिटेशन ऑफ बेनामी प्रॉपर्टी ट्रांजेक्शन एक्ट 1988) के तहत यह कार्रवाई की। इसी एक्ट के आधार पर नवंबर 2017 में सख्ती शुरू हुई है। बिजनेस मैन को तीन माह की मोहलत दी गई है।
भोपाल-इंदौर की ब्रीफकेस कंपनियों पर नजर
भोपाल और इंदौर की ब्रीफकेस कंपनियों पर भी आयकर विभाग की नजर है। देश में जिन दो लाख 10 हजार ब्रीफकेस कंपनियों का पता चला है, ये उस सूची में शामिल हैं। इनके जरिए करोड़ों रुपए का लेन-देन हुआ है। केंद्रीय प्रत्यक्षकर बोर्ड के निर्देश पर इसकी भी इंक्वायरी हो रही है।