आसमान में बढ़ी भारत की हवाई ताकत, स्वदेशी तेजस वायु सेना में हुआ शामिल

बेंगलुरु : आसमान में आज से भारत की ताकत ताकत और बढ़ गई. देश में बने पहले काम्बेट लड़ाकू विमान तेजस को वायु सेना में शामिल कर लिया गया. इन दो विमानों के बेड़े का नाम ‘फ़्लाइंग डगर्स 45’ रखा गया है. यह विमान 1350 किमी की रफ़्तार से आकाश का सीना चीर सकते हैं. यह दुनिया के बेहतरीन फाइटर को टक्कर देने की क्षमता रखता है.

हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड द्वारा निर्मित इस तेजस की तुलना फ़्रांस के मिराज 2000, अमेरिका के एफ -16 और स्वीडन के ग्रिपेन से की जा सकती है. तेजस को वायुसेना के बेड़े में शामिल करने से पूर्व हल्के लड़ाकू विमान के पहले स्क्वाड्रन का गठन किया जाएगा.

अधिकारियों ने बताया कि दक्षिणी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ एयर मार्शल जसबीर वालिया की मौजूदगी में एलसीए को शामिल किये जाने का समारोह एएसटीई में आयोजित किया गया. सभी धर्मों के इबादत करने वालों की उपस्थिति में पूजन कर नारियल फोड़कर इसका शुभारम्भ किया गया. पहले दो साल यह स्क्वाड्रन बेंगलुरु में रहेगा, इसके बाद तमिलनाडु के सुलुर चला जाएगा.

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