इंदौर की सफाई देखने आए अमेरिकी स्टूडेंट, बोले- हमें तो 6 दिन घर में रखना पड़ता है कचरा

इंदौर.अमेरिका के वाशिंगटन और अटलांटा जैसे शहरों के 4 छात्र इंदौर का सफाई सिस्टम देखने आए। वे तिलक नगर में जाकर उस वक्त हक्के-बक्के रह गए जब उन्हें पता चला कि इंदौर में हर घर से रोज कचरा लिया जाता है। वह भी महज 60 रुपए महीने में। इस पर छात्र बोले कि हमारे यहां सात दिन में एक बार कचरा कलेक्शन करने गाड़ी आती है। तब तक घर में ही संभालकर रखना पड़ता है। 50 डाॅलर प्रति महीना शुल्क देना पड़ता है।
दरअसल, इन छात्रों का दल भारत में एक महीने के लिए आया है। मुख्य रूप से छात्र जयपुर में रुके हुए हैं। इन्हें कोर्स के तहत सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर स्टडी करना है। इन्हें पता चला कि भारत में इंदौर सबसे साफ शहर है तो यहां का सफाई सिस्टम देखने-समझने आ गए। छात्र 1 नवंबर तक शहर में नगर निगम के अफसर और एनजीओ के सदस्यों के साथ घूमकर सिस्टम समझेंगे।
रहवासियों से पूछा- अाप कैसे रखते हैं अलग-अलग कचरा?
शनिवार को अमेरिकी छात्रों का दल तिलक नगर क्षेत्र की साईं नाथ कॉलोनी में पहुंचा। कॉलोनी में जिन घरों से कचरा लिया गया, वहां के रहवासियों से चर्चा की। उनसे पूछा कि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग कैसे रखते हैं? परिवार के हर सदस्य में इतनी समझ कैसे है कि कचरा अलग-अलग रखा जाए? यहां कचरा इकट्ठा होने के बाद सभी ने ट्रांसफर स्टेशन पर जाकर अगली स्टेप देखी। यहां कचरे को अलग-अलग कर खाद बनाने के लिए भेजने का सिस्टम समझा।छात्रों ने एक परिवार से लगभग 15 मिनट तक चर्चा की। इस दौरान उन्होंने पानी पिया और घर के बने लड्डू भी खाए। लड्डू, गुजिया और पपड़ी का स्वाद उन्हें अच्छा लगा। गौरतलब है कि सफाई में इंदौर के नंबर-1 आने के बाद ना केवल देश, बल्कि विदेशों से भी प्रतिनिधि आकर सफाई व्यवस्था देख रहे हैं।