इजरायल पहुंचने पर PM मोदी का भव्य स्वागत, नेतन्याहू ने कहा-‘हम भारत से प्रेम करते हैं’

तेल अवीव : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन दिनों की यात्रा पर मंगलवार को इजरायल पहुंचे. इजरायल पहुंचने पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू प्रोटोकॉल तोड़कर अपने वरिष्ठ मंत्रियों के साथ मोदी की अगवानी की और उन्हें गले लगाया. नेतन्याहू ने कहा कि मेरे दोस्त पीएम मोदी का इजरायल में स्वागत है. जबकि पीएम मोदी ने अपने भव्य स्वागत के लिए इजरायल का आभार जताया. यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली इजरायल यात्रा है. पीएम मोदी के स्वागत में एयरपोर्ट पर लाल कालीन बिछायी गयी और उनके स्वागत में राष्ट्रगान बजाया गया.

एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत करते हुए नेतन्याहू ने उन्हें दुनिया का महान नेता बताया. जबकि पीएम मोदी ने कहा कि पहले भारतीय पीएम के रूप में यहां आकर वह गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. इस मुलाकात की खासियत यह रही की पीएम मोदी ने हिब्रू भाषा में और नेतन्याहू ने हिंदी में अपने भाषण की शुरुआत की. मोदी ने कहा कि उनका यह दौरा दोनों देशों की दोस्ती का प्रतीक है. नेतन्याहू ने कहा कि हम भारत से प्रेम करते हैं और उसकी संस्कृति और लोकतंत्र की प्रशंसा करते हैं.

पीएम मोदी ने दांजिगेर फूलों के फार्म का दौरा किया

पीएम मोदी एयरपोर्ट से सीधे नेतन्याहू के साथ मिशहमार हाशिवा में दांजिगेर ‘दान’ फूलों के फार्म देखने के लिए रवाना हुए, जहां उन्हें बागवानी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली नवीनतम तकनीक के बारे में जानकारी दी गयी। दांजिगेर फ्लॉवर फार्म इजरायल की एक प्रमुख बागवानी कंपनियों में से एक है जो करीब 80 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले फार्म में आधुनिक ग्रीन हाउसों में पौधों के पुन: उत्पादन के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखती ह

इस फार्म का मोदी का दौरा इस बात को दर्शाता है कि भारत के साथ इजरायल के करीबी सहयोग में कृषि तकनीक में उसकी विशेषज्ञता एक महत्वपूर्ण कारक है। एक छोटे से पारिवारिक बिजनेस से शुरुआत के बाद दांजिगेर फ्लॉवर कंपनी अस्तित्व में आयी जिसमें 200 कर्मचारी काम करते हैं। यह परिवार शुरुआत में कट फ्लॉवर को उगाने और बेचने का काम करता था। आज इस फार्म में स्थानीय बाजार और पूरी दुनिया में 60 से अधिक देशों के लिए नन्हीं पौधों और कलमों का उत्पादन किया जाता है। इससे पूर्व, मोदी का इजरायल के शीर्ष नेतृत्व ने स्वागत किया जिसे सीगल एल्फ के नाम से जाना जाता है।इस प्रकार का सम्मान अमेरिकी राष्ट्रपति और पोप जैसी बड़ी हस्तियों को ही दिया जाता है।

‘येद वाशेम होलोकॉस्ट’ स्मारक गए मोदी, पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इजरायल के ‘येद वाशेम होलोकॉस्ट’ स्मारक का दौरा किया और नरसंहार के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अपर्ति की। यह नरसंहार मानवीय इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक है जिसमें नाजी जर्मनी द्वारा करीब 60 लाख यहूदियों को मार दिया गया था।

1953 में यरूशलम के समीप माउंट आफ रिमेम्बरेंस में येद वाशेम को एक संगठन के तौर पर शुरू किया था जो भावी पीढ़ियों के लिए एक संदर्भ की तरह था जहां होलोकॉस्ट के पीड़ितों की स्मृतियों और यहूदी लोगों के इतिहास को सुरक्षित रखा गया है। यह स्मारक 4200 वर्गमीटर क्षेत्र में मुख्य रूप से भूमिगत है जहां मूल कलाकृतियों के जरिए पीडितों के अनुभवों, जीवित बचे लोगों की गवाही और निजी वस्तुओं को रखा गया है। नए येद वाशेम को 2005 में खोला

इस संग्रहालय में आगे जाकर हॉल आफ नेम्स है जहां नरसंहार के 30 लाख पीड़ितों के नामों को पेश किया गया है।ये नाम उनके परिवारों और रिश्तेदारों ने सौंपे थे। नरसंहार में एडोल्फ हिटलर के नाजी जर्मनी द्वारा करीब 60 लाख लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया था जिसमें करीब पंद्रह लाख बच्चे थे। हालांकि यहूदियों के खात्मे की शुरूआत 1933 में हो गयी थी लेकिन चार साल से अधिक समय के द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान एक साथ बड़े पैमाने पर यहूदियों को खत्म कर दिया गया।

मोदी-नेतन्याहू ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया 

मोदी और नेतन्याहू ने मंगलवार को एक संयुक्त साझा प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया.  मोदी ने कहा, ‘सभ्य समाज में हिंसा की कोई जगह नहीं है. इजरायल की मेहमाननवाजी से घर की याद आई. मैं गर्मजोशी और भव्य स्वागत के लिए इजरायल का आभार जताता हूं. भारत को यहूदी बेटे-बेटियों पर गर्व है. इजरायल-भारत मिलकर अपने रिश्तों को मजबूत बनाएंगे.’

नेतन्याहू ने कहा, ‘आतंकवाद हमारे के लिए एक बड़ी चुनौती है. आतंकवाद को हराने के लिए हम मिलकर काम करेंगे. इजरायल दौरे के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद. योग को आगे बढ़ाने के लिए पीएम मोदी का शुक्रिया. योग के लिए पीएम मोदी के उत्साह से प्रेरित हुआ.’