इस साल बोर्ड परीक्षा देने वालो के लिए खास खबर

उत्तराखंड बोर्ड की हाइस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षार्थियों को बोर्ड इस बार ये खास सुविधा देने जा रहा है जिससे उनकी सबसे बड़ी मुश्किल आसान हो जाएगी।
उत्तराखंड बोर्ड की हाइस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षाओं में इस बार बोर्ड नया प्रयोग करेगा। इसमें सभी परीक्षार्थियों को देय प्रवेश पत्र के पीछे परीक्षा कार्यक्रम (स्कीम) भी छपेगी। बोर्ड के संयुक्त सचिव बीएमएस रावत ने बताया कि सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा कार्यक्रम दिलाने के लिए इस बार सभी परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र के पीछे परीक्षा कार्यक्रम भी अंकित होगा। इसका उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों समेत सभी परीक्षार्थियों तक बोर्ड का मूल परीक्षा कार्यक्रम पहुंचाना है।

उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की हाइस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं अगले साल पांच मार्च से शुरू होंगी। इन परीक्षाओं का समापन 24 मार्च को होगा। प्रदेशभर के 2.81 लाख परीक्षार्थियों के लिए सभी 13 जिलों में 1309 परीक्षा केंद्र बने हैं। इससे पहले एक फरवरी से 28 फरवरी तक प्रयोगात्मक परीक्षाएं होंगी।

बोर्ड कार्यालय में शुक्रवार को हुई बैठक में सदस्यों की सहमति के बाद परिषद की सचिव डॉ. नीता तिवारी ने परीक्षा कार्यक्रम-2018 का ऐलान किया। बताया कि पहले दिन पांच मार्च को इंटरमीडिएट का पेपर होगा, जबकि हाइस्कूल की परीक्षा छह मार्च से शुरू होगी। हाइस्कूल में 1,49,474 एवं इंटरमीडिएट में 1,32,371 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे।

मूल्यांकन कार्य एक अप्रैल से पांच जून तक चलेगा। उसके बाद परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। इस दौरान बैठक में परिषद के संयुक्त सचिव बीएमएस रावत, डॉ. नंदन सिंह नेगी, बीडी अंडोला, कुबेर सिंह कड़ाकोटी, बीसी उप्रेती, एनके जोशी, राजीव रावत, हरिप्रिया सती आदि मौजूद रहे।

इस बार बोर्ड ने 1309 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। इनमें प्रदेशभर के 44 एकल, 1265 मिश्रित परीक्षा केंद्र शामिल हैं। सबसे ज्यादा 165 केंद्र पौड़ी में जबकि सबसे कम 41 केंद्र चंपावत में बनाए गए हैं। हरिद्वार में नौ नवीन केंद्रों के साथ ही नैनीताल में 41 संवेदनशील, पौड़ी में 11 अतिसंवेदनशील केंद्र घोषित किए गए हैं।

शुक्रवार को सचिव की अध्यक्षता में मान्यता समिति की बैठक हुई। बोर्ड सचिव डॉ. नीता तिवारी ने बताया कि हाइस्कूल, इंटरमीडिएट में समिति के पास कुल प्रकरण 53 आए, जिनमें से 35 प्रकरणों की संस्तुति हुई। आठ संस्तुत प्रकरण प्रतिबंधनात्मक, 10 स्थगित प्रकरण निपटाए गए। बैठक में अपर सचिव एनसी पाठक, संयुक्त सचिव बीएमएस रावत, आरसी पांडे, केपीएस गुसाई, मनोज आगरी आदि थे।