उज्जैन सिंहस्थ: 30 दिन में 5 करोड़ श्रद्धालु के आने का अनुमान , 25 सौ करोड़ में निपटेगा कुंभ

उज्जैन। इस सिंहस्थ की सारी व्यवस्थाएं 30 दिन में 5 करोड़ लोगों के आने के अनुमान से हो रही हैं। सड़क की सफाई से लेकर आस्था की डुबकी तक के  आंकड़े का आकलन किया है और इन्हीं आंकड़ों पर टिकी है सिंहस्थ में व्यवस्थाओं की तैयारी। सब कुछ ‘प्रीमार्टम’ है। इन सबके बावजूद आंकड़ों का खेल कितना सटीक बैठेगा, इसे लेकर संशय है, क्योंकि शासन-प्रशासन ही आंकड़ों के जाल में उलझा हुआ है।
पिछले सिंहस्थ में ढाई करोड़ लोगों के आने का आकलन था, इस बार दुगुनी संख्या को मानकर तैयारी हो रही है। 2004 के सिंहस्थ का बजट 262 करोड़ रु. था, अब लगभग दस गुना यानी 2500 करोड़ रुपए है। कागजों पर तैयारियां प्रति व्यक्ति और उपलब्ध भूमि के प्रति इंच के मान से हो रही है।
एक व्यक्ति नहाने में कितना समय लेगा, एक सफाईकर्मी कितना क्षेत्र साफ कर सकेगा, एक वाहन पार्किंग में कितनी जगह लेगा और एक कैंप में कितनी लकड़ी-गैस सिलेंडर लगेंगे आदि का आकलन कर व्यवस्थाएं जुटाई जा रही हैं। कुछ में आकलन पर ही तैयारी फिट नहीं हो रही हैं। अभी कुछ ऐसी तैयारियां भी हैं जिनका अंतिम निर्धारण नहीं हो पाया है।
सिंहस्थ महापर्व बड़ा धार्मिक पर्व है। बारह वर्षों के अंतर से यह पर्व तब मनाया जाता है जब गुरु सिंह राशि में रहते हैं। क्षिप्रा नदी में स्नान की तिथियां चैत्र मास की पूर्णिमा से शुरू होती और पूरे माह वैशाख पूर्णिमा के अंतिम स्नान तक रहती हैं। उज्जैन के महापर्व के लिए पारम्परिक रूप से दस योग भी महत्वपूर्ण माने गए हैं।

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