उन्नाव गैंगरेप केस: पीड़िता ने कहा- विधायक को मिले फांसी, कुलदीप सिंह सेंगर की पत्नी से दो युवकों ने मांगे एक करोड़

लखनऊ. उन्नाव गैंगरेप की पीड़िता ने बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के लिए फांसी की मांग की है। पीड़िता का कहना है कि रेप और उसके पिता की हत्या के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को फांसी चाहती है। बता दें कि इस मामले में कुलदीप सिंह सेंगर इस समय जेल में हैं और सीबीआई मामले की जांच कर रही है। वहीं, सूत्रों के अनुसार खबर आई थी कि सीबीआई ने रेप के आरोपों की पुष्टि कर दी है। वहीं, गुरुवार को दो युवक खुद को सीबीआई अफसर बताते हुए विधायक की पत्नी से मामला सेट करने के एवज में एक करोड़ रुपए करोड़ की मांग की थी। गाजीपुर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया है।

क्या कहा पीड़िता के चाचा ने

– मीडिया में सीबीआई द्वारा विधायक के खिलाफ आरोपों की पुष्टि के बाद पीड़िता के चाचा ने कहा कि, ‘हम अपने परिवार के लिए सुरक्षा की मांग करते हैं ताकि हम बिना किसी डर के अदालत के समक्ष अपना बयान दे सकें। हम कुलदीप सेंगर के लिए मौत की सजा की मांग करते हैं।’

क्या कहा एसएसपी ने?

एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि उन्नाव गैंगरेप मामले में जेल में बंद आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की पत्नी संगीता सिंह को सीबीआई अधिकारी से और बीजेपी नेताओं से पहचान होना बताकर और खुद को भी सीबीआई अधिकारी बताने वाले युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
– उन्होंने बताया कि दोनों युवक एक करोड़ रूपए में मामला मैनेज करने का प्रलोभन दिया था। लखनऊ की गाजीपुर पुलिस ने अलोक और विजय नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया।

क्या है पूरा मामला

-मामला पिछले साल 4 जून का है। 17 साल की किशोरी की मां ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत कुछ लोगों के खिलाफ रेप की शिकायत की थी।
– 3 अप्रैल को विधायक के भाई अतुल ने मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया।
-8 अप्रैल रविवार को पीड़िता ने परिवार समेत मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया था।।
– 9 अप्रैल को पीड़िता के पिता की उन्नाव जेल में मौत हो गई। महिला ने उन्नाव में परिवार के खिलाफ कई झूठे मुकदमे दर्ज कराए जाने का भी आरोप लगाया था।
– मामले में माखी थाने के एसओ समेत 6 कॉन्स्टेबल पहले ही सस्पेंड किए जा चुके हैं।

इन मामलों में दर्ज है केस

– सीबीआई ने विधायक कुलदीप सेंगर के खिलाफ दर्ज एफआईआर में आईपीसी की धारा 363 (अपहरण), 366 (अपहरण कर शादी के लिए दवाब डालना), 376 (बलात्‍कार), 506(धमकाना) और पॉस्‍को एक्‍ट के तहत मामला दर्ज किया है।

13 अप्रैल को हुई थी विधायक की गिरफ्तारी

-13 अप्रैल को सुबह 4 से 5 बजे के बीच सीबीआई ने विधायक कुलदीप सेंगर को उनके इंदिरा नगर स्थित आवास से हिरासत में लिया था। दिनभर की पूछताछ के बाद देर रात 9 से 10 के बीच उनकी गिरफ़्तारी का एलान किया गया था।
-इससे पहले उनके भाई अतुल सिंह और अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया था।

किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा: सीएम
– योगी आदित्यनाथ ने कहा था, ”इस मामले में सरकार की जीरो टॉलरेंस है। हमने तत्काल एसआईटी गठित कर कार्रवाई शुरू की। इस मामले में सीबीआई जांच के लिए भी सिफारिश की। अपराध और भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा।”