उल्टा तिरंगा लहराने पर अक्षय कुमार हुए ट्रोल, मांगी माफी

नई दिल्ली: भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए महिला विश्व कप के फाइनल मुकाबले में अक्षय कुमार लंदन के लॉर्ड्स मैदान में अपनी टीम को चीयर्स करते हुए दिखे. मैच खत्म होने के बाद उन्होंने टीम की खिलाड़ियों से भी मुलाकात की, लेकिन चियरिंग के दौरान उल्टा तिरंगा पकड़ने के चलते ट्विटर पर उनकी खिंचाई हो रही है. वास्तव में अक्षय ने इसकी फोटो ट्विटर पर पोस्ट कर दी थी. जाहिर है अक्षय कुमार ने ऐसा जानबूझकर नहीं किया, लेकिन ट्विटर की ट्रोलिंग टीम तो जैसे इसके लिए तैयार ही बैठी रहती है और उन्होंने अक्षय को आड़े हाथों ले लिया. बाद में जब अक्षय कुमार को अपनी गलती पता चली, तो उन्होंने न केवल उल्टे झंडे वाला ट्वीट डिलीट कर दिया बल्कि माफी भी मांग ली.

मैच देखने के दौरान अक्षय कुमार ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की. इस फोटो में वह भारतीय टीम का जोश बढ़ाते हुए और वह तिरंगा लहराते दिखाई दे रहे हैं लेकिन, गौर करने वाली बात यह है कि अक्षय ने इसमें तिरंगा उल्टा पकड़ा है.

इस फोटो को पोस्ट करते ही अक्षय सोशल मीडिया पर ट्रोल होने लगे. बता दें कि भारतीय ध्वज में केसरिया रंग सबसे ऊपर, बीच में सफेद रंग होता है जिसमें मध्य में नीले रंग से 24 तिल्लियों वाला अशोक चक्र और सबसे नीचे हरा रंग होता है, लेकिन अक्षय इस फोटो में उल्टा ध्वज लहराते हुए दिखाई दे रहे हैं.

अक्षय ने मांगी माफी

हालांकि अक्षय को जैसे ही इस बारे में पता चला तो उन्होंने इस ट्वीट को हटा दिया और एक नया ट्वीट करते हुए कहा, तिरंगे के अपमान और आचार संहिता का उल्लंघन करने पर माफी चाहता हूं. मेरा मतलब किसी को अपमानित करना नहीं है, मैंने वह तस्वीर हटा दी है.

इन सबसे इतर अक्षय ने मैच खत्म होने के बाद भारतीय टीम की खिलाड़ियों से मुलाकत कर उन्होंने बेहतर प्रदर्शन के लिए बधाई दी और उनसे बातचीत की. टीम को बधाई देते हुए अक्षय कुमार ने कहा यहां तक कि टूटे हुए दिल भी हंस सकते हैं… इन महिलाओं ने एक नई क्रांति शुरू की है…
गौरतलब है कि आईसीसी महिला विश्वकप में भारत एकबार फिर खिताब अपने नाम करने से चूक गया. मेजबान इंग्लैंड ने भारत को नौ रनों से हराते हुए चौथी बार विश्व कप का खिताब अपने नाम किया. इंग्लैंड ने लॉर्ड्स मैदान पर भारत के सामने 229 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे भारतीय टीम हासिल नहीं कर पाई और 48.4 ओवरों में 219 रन पर अपने सभी विकेट गंवा बैठी. इस तरह उसके हाथ से पहली बार विश्व विजेता बनने दूसरा मौका चला गया.