एक ऐसी पाठशाला जिसमें छात्राओं को अच्छें अंक लाने के लिए करना पड़ता है ये गन्दा काम…

शिक्षा का अधिकार एक मूलभूत मानव अधिकार हैबहुत-से लोग टीचर बनना इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि इस पेशे से वे दूसरों की मदद कर सकते हैं।टीचर और विधार्थी का बहुत पावन नाता होता है। कहते है गुरु ही है जो हमको अंधकार से प्रकाश में ले जाता है।

गुरु के बिना ये दुनिया ही अधुरी हैं क्योकिं टीचर ही है,  जो हमको शिक्षा का ग्यान देता है और हमको जीवन में आगे बढ़ने के लिए मदद करता है।बिना शिक्षक के कोई भी ज्ञानी नही बन पाया है। इस दुनिया में कोई ऐसा व्यकित नही जिसका कोई गुरु ना हो।

हिन्दु धर्म के अनुसार गुरु को भगवान के समान माना गया है, गुरु के बिना तो ये जीवन ही बेकार है। लेकिन हम बात करें है कानपुर की कोचिंग मंडी की जहां एक ऐसी घटना सामने आई है कि एक टीचर ने गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को बेहद कलंकित कर दिया है।

बताया जा रहा है, कानपुर दक्षिण क्षेत्र में नौबस्ता में कोचिंग संचालक अनिल गौड़ मूलरूप से शिवराजपुर का रहने वाला है।नौबस्ता के दो फेरीवालों की बेटियां उस्मानपुर के स्कूल में कक्षा सात की छात्राएं हैं। दोनों स्कूल में ही पढ़ाने वाले शिक्षक शिवराजपुर निवासी अनिल गौड़ की अंजली क्लासेस कोचिंग में पढऩे जाती हैं।

हैवान शिक्षक की बहनों पर बुरी नियत थी। उनको झांसा देने के लिए एक्स्ट्रा क्लास के बहाने कोचिंग में बुलाकर उनको अश्लील फिल्म दिखाता था। उसने लंबे समय तक ने कक्षा सात की दो छात्रओं को प्रैक्टिकल के नाम पर पोर्न फिल्म दिखाकर हवस का शिकार बनाया।

जिसके बाद बड़ी बहन ने मां-बाप को जानकारी दी तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कल परिवार के लोग दोनों बच्चियों को लेकर एसएसपी आकाश कुलहरि से मिले।बेटियों का आरोप है कि टीचर कहता था कि तुम लोगों को प्रेक्टिकल में नंबर चाहिए तो मोबाइल में यह फिल्म देखो और इसी तरह से प्रेक्टिकल होता है। यह करना पड़ेगा तभी प्रेक्टिकल में नम्बर मिलेंगे। एसएसपी का आदेश मिलते ही नौबस्ता पुलिस स्कूल पहुंची और शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया।

फोरेंसिक टीम ने कोचिंग से शराब व खून से सना रुमाल और अश्लील वस्तुएं बरामद की हैं।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास के लोगों और मकान मालिक को सख्त हिदायत दी है कि कोई भी सील लगे ताले व कमरे से छेड़छाड़ न करें।

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