एक और सांसद ने PM को लिखा लेटर, कहा- 4 सालों में सरकार ने दलितों के लिए नहीं कोई काम; कोर्ट खत्म कर रहा अधिकार

लखनऊ. यूपी में दलित बीजेपी सासंदों की पार्टी से नाराजगी बढ़ती जा रही है। रॉबर्ट्सगंज लोकसभा सीट से दलित सांसद छोटेलाल खरवार और इटावा से बीजेपी सांसद अशोक दोहरे के बाद अब नगीना लोकसभा सीट से सांसद डॉ यशवंत सिंह ने पीएम मोदी को लेटर लिखा है। 2 अप्रैल को लिखे लेटर में सांसद ने कहा कि आरक्षण हम लोगों के लिए के लिए जीवनदायनी हवा की तरह है जिसके बगैर दलित और पिछड़ा समाज का इस देश में कोई अस्तित्व नहीं रह जाएगा।

सांसद छोटेलाल खरवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर कहा कि अपराधी अधिकारियों के सामने कनपटी पर रिवॉल्वर तान देते हैं और उनके खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया जाता। छोटेलाल का खत सामने आने के 24 घंटे के भीतर इटावा से बीजेपी सांसद अशोक दोहरे का लेटर भी सामने आया। उन्होंने पीएम लिखा- दलित लोगों पर पुलिस अत्याचार कर रही है।

अपनी ही सरकार से नाराज यूपी के दलित लीडर

डॉ यशवंत सिंह, सांसद नगीना

– सिंह ने अपने लेटर में लिखा कि जब मैं सांसद चुनकर आया था तब मैंने आपसे मिलकर प्रमोशन में आरक्षण हेतु बिल पास कराने का अनुरोध किया था। संगठन के लोग भी यही अनुरोध कर रहे हैं। लेकिन चार वर्ष बीत जाने के बाद भी इस देश में करीब 30 करोड़ दलितों के लिए प्रत्यक्ष बिल नहीं पेश किया गया।
– उन्होंने लिखा कि कोर्ट में हमारे समाज का कोई प्रतिनिधि नहीं है जिस कारण से कोर्ट हर समय हमारे खिलाफ नए-नए निर्णय देकर हमारे अधिकारों को खत्म कर रहा है।
– आज की स्थिति में बीजेपी के दलित सांसद अपने समाज की रोज-रोज की प्रताड़ना का शिकार हैं।
– दलित समाज के हितों का ध्यान रखते हुए आरक्षण बिल पास कराइएं और प्राइवेट क्षेत्र में भी आरक्षण लागू करें।

अशोक दोहरे, सांसद इटावा

– अशोक दोहरे ने लिखा, “2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान उत्तर प्रदेश व अन्य प्रदेश सरकारों ने एससी वर्ग के लोगों पर अत्याचार किया और झूठे मुकदमे में फंसाया। पुलिस निर्दोष लोगों को घर से निकाल कर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर मारपीट व अपमानित करते हुए गिरफ्तार कर रही है। पीएम अधिकारियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दें।”

छोटेलाल खरवार, सांसद रॉबर्ट्सगंज

– छोटेलाल खरवार ने 16 मार्च को खत में लिखा, “मेरे घर पर जबरन कब्जा करके अधिकारियों ने उसे जंगल की मान्यता दे दी। जबकि, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के आदेस पर दोबारा जांच हुई तो पता चला कि मेरा घर वन क्षेत्र में नहीं है। जिले के आला अधिकारी मेरा उत्पीड़न कर रहे हैं। दो बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की लेकिन सीएम ने डांटकर भगा दिया।”

– “अक्टूबर 2017 में मेरे भाई के खिलाफ सपा की तरफ से अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। वोटिंग के दौरान असलहों से लैस अपराधियों ने मेरी कनपटी पर रिवॉल्वर तान दी, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर धमकी और दी गाली दी। उस समय अधिकारी भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। पार्टी के कुछ लोग मेरा टिकट काटने की साजिश भी रच सकते हैं। मैं पार्टी से नाराज हूं, प्रधानमंत्री को खत लिखा है, क्योंकि मेरे खिलाफ साजिश की गई है।”

सावित्री बाई फुले, सांसद बहराइच

– सावित्री बाई फुले ने 31 मार्च को दलित विरोधी नीतियों के खिलाफ काशीराम स्मृति उपवन में ‘भारतीय संविधान व आरक्षण बचाओ महारैली का आयोजन’ किया था।

– उन्होंने अपनी ही सरकार और कुछ वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ बयान दिया था। कहा था, “केंद्र सरकार आरक्षण खत्म करने की साजिश कर रही है। केंद्र सरकार की नीतियों के कारण एससी-एसटी, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक खतरे में हैं। भारतीय संविधान और आरक्षण भी खतरे में आ गया है।”

ओमप्रकाश राजभर, कैबिनेट मंत्री (यूपी)

– कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के चीफ ओमप्रकाश राजभर बीजेपी से नाराज चल रहे हैं। राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने अमित शाह से मुलाकात के बाद ही बीजेपी को वोट देने की बात कही थी। जिसके बाद शाह ने दिल्ली में राजभर से मुलाकात की थी।

– उन्होंने कहा था “हमारी पार्टी एनडीए का हिस्सा है, लेकिन बीजेपी गठबंधन धर्म का पालन नहीं कर रही। कई बार अमित शाह से बात करनी चाही, लेकिन वे वक्त नहीं दे रहे थे। मैं पहले दिन से सरकार से पिछड़े (राजभर, विंद, निषाद) वर्गों के लिए 27 परसेंट रिजर्वेशन मांग देने की मांग कर रहा हूं। एक साल हो गए लेकिन सरकार इस मुद्दे पर एक कदम भी नहीं चली।”

यूपी में कितनी सुरक्षित सीटें

लोकसभा-17

विधानसभा-85

2014 आम चुनाव- 17 सीटें जीती थी बीजेपी

2017 विधानसभा चुनाव-69 सीटें जीती थी बीजेपी