एक नेता का अपहरण मतदान से पहले हुआ अपहरण

राजनीति में खुद को स्थापित करने और बने रहने के लिए नेता कुछ भी कर सकते हैं इसका उदाहरण उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में देखने को मिल गया राजनीति में नेताओं ने अपना स्तर कितना गिरा लिया है ये जहजाहिर है। उन्हें अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए कोई अपराध भी करना पड़ जाए तो उसका उन्हें कोई मलाल नहीं है। वर्तमान समय के कुछ नेता जनता की सेवा करके चुनाव जीतने का माद्दा नहीं रखते बल्कि हथकंडों की दम पर चुनाव जीतने की कोशिश करते हैं। हरदोई के बिलग्राम ब्लाक प्रमुख के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से एक दिन पहले बीडीसी सदस्य का अपहरण हो गया। उसकी पत्नी ने पूर्व ब्लाक प्रमुख समेत तीन लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने सपा से जुड़े आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। बिलग्राम की ब्लाक प्रमुख संतोष कुमारी यादव के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर मंगलवार को मतदान होना है।
आरोप है कि रविवार सुबह नानामऊ निवासी बीडीसी सदस्य राजवीर को कुछ लोग बुला ले गए। सोमवार शाम तक न लौटने पर बीडीसी सदस्य की पत्नी सीमा ने थाने में तहरीर दी। इसमें आरोप लगाया कि ब्लाक प्रमुख संतोष कुमारी यादव के ससुर पूर्व ब्लाक प्रमुख कप्तान सिंह यादव, बिलग्राम मल्लावां विधानसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी रहे सुभाष पाल और विपिन कुमार यादव उसके पति को समर्थन में मतदान करने को कह रहे थे। इन लोगों ने रविवार सुबह 8 बजे उसके पति राजवीर को बुलाया था। उसके बाद से वह नहीं लौटे हैं। उसने तीनों पर अपहरण का आरोप लगाया। सांडी थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर तीनों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है।