एम्स में कैंसर की सिकाई की सुविधा दिसंबर से, बंकर तैयार

एम्स भोपाल में कैंसर मरीजों की सिकाई (रेडियोथैरेपी) की सुविधा अगले दो महीने में शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए बंकर तैयार हो गया है। बंकर की मंजूरी के लिए एम्स प्रबंधन ने एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड (एईआरबी) को पत्र लिखा है।

यहां से मंजूरी मिलने के बाद लीनियर एक्सेलरेटर व अन्य मशीनें लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी। एम्स में यह सुविधा मरीजों को मुफ्त में मिलेगी। एम्स में जनरल सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, नाक, कान एवं गला विभाग, डेंटिस्टी में साधारण सर्जरी के अलावा कैंसर के ऑपरेशन भी होते हैं। इनमें ज्यादातर मरीजों को रेडियोथैरेपी देने की जरूरत होती है। एम्स में यह सुविधा अभी तक नहीं है।

मरीजों को निजी अस्पतालों सिकाई कराना पड़ती है। इसमें कम से कम 20 हजार से 2 लाख रुपए तक का खर्च आता है। लीनियर एक्सेलरेटर रेडियोथैरेपी देने की अत्याधुनिक तकनीक है। इसमें सिर्फ कैंसर वाली कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है, साधारण कोशिकाओं को कोई नुकसान नहीं होता।

इसके अलावा सिकाई के लिए ब्रेकी थैरेपी मशीन भी आ चुकी। इससे मरीज को काफी नजदीक से रेडियोथैरेपी दी जाती है। एम्स में एक कैंसर सर्जन व मेडिकल आंकोलॉजिस्ट के हाल ही में ज्वाइन करने से कैंसर विभाग भी शुरू हो गया है।

कार्निया ट्रांसप्लांट की सुविधा दो माह में

एम्स में नेत्र विभाग में मोतियाबिंद के ऑपरेशन अगले महीने से शुरू हो जाएंगे। इसके लिए पर्याप्त डॉक्टर हैं। कुछ उपकरणों की जरूरत है जो आने वाले हैं। इसके अलावा कार्निया ट्रांसप्लांट (नेत्र प्रत्यारोपण) की सुविधा भी दो महीने के भीतर शुरू करने की तैयारी है।

दो महीने में शुरू होगी ट्रॉमा एंड इमजरेंसी

अस्पताल की ट्रॉमा एंड इमरजेंसी यूनिट शुरू करने में दो महीने और लगेंगे। यहां 24 घंटे मरीजों को इलाज मिल सकेगा। पहले इस साल मार्च में ट्रॉमा सेंटर शुरू करने का लक्ष्य था। डॉक्टरों की कमी के चलते यह सुविधा शुरू नहीं हो पाई।

अब दिसंबर तक यूनिट शुरू करने की तैयारी है। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि डॉक्टरों ने हाल ही में ज्वाइन किया है, लेकिन नर्सिंग स्टाफ, टेक्नीशियन व अन्य तकनीकी स्टाफ की कमी के चलते ट्रॉमा एंड इमरजेंसी शुरू करने में देरी हो रही है।

बता दें कि एम्स भोपाल में लेवल 1 का ट्रॉमा सेंटर बनाया जा रहा है। प्रदेश में अभी एक भी ऐसा सेंटर नहीं है। यह ट्रॉमा सेंटर सबसे अच्छा माना जाता है। सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर व अत्याधुनिक मशीनों के अलावा एक साथ कई मरीजों के इलाज की सुविधा होती है।

एम्स के डायरेक्टर डॉ. नितिन एम नागरकर ने कहा कि ट्रॉमा एंड इमरजेंसी यूनिट के लिए जगह तैयार है। सीटी स्कैन, एमआरआई, सोनोग्राफी व एक्सरे मशीनें यहां पर लग गई हैं। हालांकि, अस्पताल में एंबुलेंस अभी सिर्फ एक है। ट्रॉमा के मरीजों के लिए गेट अलग रहेगा।

स्थायी फैकल्टी के लिए वेटिंग लिस्ट जारी

एम्स प्रबंधन ने दूसरे चरण की फैकल्टी की भर्ती के बाद खाली पदों को भरने के लिए वेटिंग लिस्ट भी जारी कर दी है। इसमें एनेस्थीसिया, साइकियाट्री, पीडियाट्रिक, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन और माइक्रोबायोलॉजी विभाग के पद शामिल हैं। इसके बााद भी पद नहीं भरते तो नए सिरे से विज्ञापन जारी किया जाएगा।

डायरेक्टर डॉ. नितिन एम नागरकर से सीधी बात

कैंसर मरीजों की रेडियोथैरेपी शुरू होने में देरी क्यों हो रही है

जवाब- बंकर का एप्रूवल हो रहा है। मंजूरी मिलते ही रेडियोथैरेपी मशीनें इंस्टाल की जाएंगी

-ट्रामा एंड इमरजेंसी शुरू करने डेडलाइन फिर बढ़ गई।

जवाब- कोई तारीख तो नहीं बता सकते, पर दो महीने के भीतर यूनिट शुरू हो जाएगी।

– और कौन सी सुविधा जल्द शुरू हो सकती है।

– कार्डियक सर्जरी शुरू की जाएगी। मॉड्युलर ओटी तैयार है, इसलिए बड़ी सर्जरी में दिक्कत नहीं है। नेत्र विभाग में भी ऑपरेशन जल्द शुरू होंगे।