एम्स में टालनी पड़ रही सर्जरी, सर्जन को नहीं मिल रहा ऑपरेशन थिएटर

रायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में ऑपरेशन थिएटर (ओटी) का संकट खड़ा हो गया है। मरीजों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। बड़ी-बड़ी बीमारियों के मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन संसाधनों की कमी के चलते समय पर उपचार नहीं हो पा रहा है।

ऑपरेशन के लिए आगे की तारीख दी जा रही है। सूत्र बताते हैं कि स्पेशलिस्ट, सुपरस्पेशलिस्ट डॉक्टर्स लगातार प्रबंधन से ओटी की मांग रहे हैं। कई बार विवाद की स्थिति भी खड़ी हो चुकी है। जब दबाव बढ़ा तो आनन-फानन में दो ओटी का काम तेज हुआ, 10 दिन में इनके शुरू होने का दावा किया जा रहा है।

साल 2014 में एम्स के अस्पताल में तीन मॉड्यूलर ओटी का निर्माण हुआ, तब से फंक्शनिंग हैं, लेकिन यहां 24 ओटी प्रस्तावित हैं। चार से में एक भी शुरू नहीं हो सकी। जानकारी के मुताबिक बीते आठ माह से अर्थिंग (इलेक्ट्रिकल प्राब्लम) की समस्या को कारण बताया जा रहा है।

ओटी प्रभारी डॉ. पीके नीमा हैं, लेकिन जब दबाव बढ़ा तो उन्हें पद से हटाया नहीं गया, मगर न्यूकिलर मेडिसिन प्रभारी डॉ. करण पिपरे को यह कहा गया कि वे प्राथमिकता से नए ओटी का काम देखें, जल्द शुरू करवाएं।

सभी विभागों को जरूरत एम्स में लगातार स्पेशलिस्ट, सुपरस्पेशलिस्ट की नियुक्तियां हो रही हैं। न्यूरोसर्जरी, कॉर्डियोलॉजी, पीडियाट्रिक सर्जन की नियुक्तियां हो चुकी हैं। सर्जरी, नाक-कान-गला रोग, नेत्ररोग के ऑपरेशन नियमित हो रहे हैं। सभी को ओटी की जरूरत है।

72 एसआर की नियुक्ति 

एम्स में अब तेजी से डॉक्टर्स की नियुक्तियां हो रही हैं। बुधवार को सीनियर रेसीडेंट (एसआर) के पद पर 72 डॉक्टर का नियुक्ति आदेश जारी कर दिया गया, ये जल्द ही ज्वाइनिंग देंगे। एम्स को डॉक्टर्स और दूसरा संसाधनों की सख्त जरूरत है, क्योंकि मरीजों को एम्स पर भरोसा है।

– सुविधाएं शुरू होने में थोड़ा वक्त जरूर लगता है, लेकिन एक साथ खुले छह एम्स में लगभग ओटी संख्या इतनी ही है। अभी विभागवार ओटी नहीं, बल्कि सभी विभागों को मिलेंगी। संख्या कम होने से स्वाभाविक है कुछ परेशानी होती है, जल्द कुछ ओटी शुरू होंगी।