ओडिशा में दोनों बाघों की जान खतरे में, मप्र भेजने का बढ़ा दबाव

उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और कान्हा टाइगर रिजर्व से ओडिशा के सतकोशिया टाइगर रिजर्व भेजे गए बाघों को वहां से वापस लौटाने का दबाव बढ़ता जा रहा है।

यहां जंगल में एक महिला की लाश मिलने के बाद भड़के लोगों ने 12 सितंबर को सतकोशिया टाइगर रिजर्व कार्यालय को जला दिया, कई वाहनों व मोटर बोट को फूंक दिया। लोगों का आरोप है कि बाघ ने महिला को मारा है। अंगुल जिले के एसपी मित्रबंधु मोहपात्रा ने ग्रामीणों को यह कह दिया कि वे शांत हो जाएं जल्द ही बाघों को वापस कर दिया जाएगा।

लापता होने की खबर

बताया जा रहा है कि कान्हा टाइगर रिजर्व से भेजा गया बाघ सतकोशिया टाइगर रिजर्व में दिखाई नहीं दे रहा है, ये बाघ लापता है। मप्र से गए दोनों बाघों की जान खतरे में बताई जा रही है।

लाना आसान नहीं

बाघों की शिफ्टिंग के लिए एक लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। ओडिशा से बाघ वापस लाना है, तब भी एक लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा। फिलहाल बाघों को वापस लाने की कोई प्रक्रिया नहीं हो रही है। वहां के एसपी ने जरूर ग्रामीणों से कहा है कि मध्यप्रदेश से लाए हुए बाघों को वापस भेज दिया जाएगा। संभवत: उन्होंने लोगों के गुस्से को शांत करने के लिए ऐसा कहा है।