ओपन बोर्ड फर्जीवाड़ा : कोरी छोड़ी गई कॉपियां स्कैनिंग में भर गईं, जल्द शुरू होगी जाँच ….

श्योपुर: ओपन बोर्ड परीक्षा में एक घोटाला सामने आया है। जो कॉपियां छात्रों ने कोरी छोड़ीं, स्कैनिंग के दौरान टॉपर की कॉपी के जवाबों को उसमें पेस्ट कर दिया गया। इसके बाद भोपाल में अच्छे नंबरों से पास भी कर दिया गया। इसे लेकर जाँच शुरू हो गयी है ,ऐसा पता किया जा रहा है की आखिर कॉपी जो की कोरी थी ,वो स्कैनिंग में कैसे भर दी गयी| मिली खबर के अनुसार यह घपला 2016-17 में हुई ओपन बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में हुआ। एक शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने इसकी जांच शुरू की। फौरी जांच में गड़बड़ी पकड़ में आई तो ओपन परीक्षा के प्रभारी शिक्षक को हटा भी दिया गया। साथ ही दस मूल कॉपियों(जिनमें कुछ भी लिखा नहीं गया) को भोपाल से आए अधिकारी अपने साथ ले गए।शिकायत पर ओपन बोर्ड ने 24 नवंबर को उप संचालक प्रशांत डोलस और दीपक पाण्डेय को श्योपुर भेजा। इन दोनों अफसरों ने बेहद गुपचुप तरीके से जांच की। श्योपुर से ओपन बोर्ड की 10 कॉपियों को भी यह दोनों अफसर जब्त करके ले गए। जांच में पाया गया कि इन कॉपियों में एक या दो प्रश्नों के उत्तर भी पूरे हल नहीं थे।
कॉपियों के अधिकांश पेज कोरे थे, लेकिन स्कैन करने के बाद जो कॉपियां भोपाल पहुंची, उनके अधिकांश प्रश्नों के उत्तर लिख दिए गए हैं। अभी जांच जारी है, लेकिन पहली कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग ने इस मामले में ओपन बोर्ड परीक्षा प्रभारी सुशील कुमार दुबे को उत्कृष्ट स्कूल से हटाकर मॉडल स्कूल में पदस्थ कर दिया है। क्योंकि कॉपियों को स्कैन कर भोपाल भेजने का काम श्री दुबे की निगरानी में ही हुआ था।
पहले भी होता रहा है ‘ओपन’ में घपला:

ओपन बोर्ड परीक्षा में पहली बार गड़बड़ी पकड़ में नहीं आई है। श्योपुर जिले में पहले भ्ाी ऐसे घपले सामने आ चुके हैं।पांच साल पहले हजारेश्वर स्कूल में ओपन बोर्ड परीक्षा में भाग लेने वाले 70 छात्रों की अंकसूची आई तो वह फर्स्ट डिवीजन पास थे।घपला यह था कि जिन छात्रों को फर्स्ट डिवीजन पास किया गया था, वह परीक्षा में भी नहीं बैठे थे। हजारेश्वर स्कूल के तत्कालीन प्रिंसीपल केसी गोयल ने यह सभी अंकसूची वापस भोपाल भेज दी थीं।

करीब चार साल पहले तत्कालीन कलेक्टर जीबी पाटील ने भी ओपन बोर्ड परीक्षा की कॉपियों में छेड़छाड़ का मामला पकड़ा था। उस समय कलेक्टर पीएल सोलंकी ने ओपन बोर्ड को लिखकर अनुशंसा की कि श्योपुर में ओपन बोर्ड की परीक्षा ही न कराई जाएं। इन परीक्षाओं में लगातार धांधली हो रही है।