कठुआ गैंगरेप: 12 साल से छोटी बच्चियों से दुष्कर्म करने वालों को फांसी के लिए कानून बदल सकती है सरकार

नई दिल्ली. कठुआ गैंगरेप मामला सामने आने के बाद अब सरकार नाबालिग से दुष्कर्म का कानून बदलने की तैयारी में है। 12 साल से कम उम्र की बच्ची या बच्चे से हैवानियत करने वाले को फांसी की सजा दी जा सकती है। अभी इसके लिए उम्रकैद का प्रावधान है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने खुद यह जानकारी दी है। बता दें कि कठुआ में जनवरी में 8 साल की एक बच्ची को अगवा किया गया था। एक मंदिर में उसे बंधक बनाकर 7 लोगों ने एक हफ्ते तक दुष्कर्म किया। बाद में उसकी बेरहमी से हत्या कर गई थी।

क्या कहा मेनका ने?
– मेनका ने कहा, मैं कठुआ में और हाल ही हुईं दूसरी बच्चियों से दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर काफी दुखी हूं। मेरा और मंत्रालय का यह विचार है कि प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंस (पॉस्को) एक्ट में संशोधन किया जाए, ताकि 12 साल से कम उम्र की बच्चियों के साथ दुष्कर्म पर उन्हें मौत की सजा दी जा सके।

सुप्रीम कोर्ट में उठा मामला, बार काउंसिल को नोटिस

शुक्रवार को यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी उठाया गया। वकील पीवी दिनेश ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा से इस पर स्वत: संज्ञान लेने की गुजारिश की। यह भी कहा कि कोर्ट बार काउंसिल को जम्मू-कश्मीर के उन वकीलों पर कार्रवाई करने का निर्देश दे जो आरोपियों का समर्थन कर रहे हैं। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि दस्तावेज और वहां की न्यूज रिपोर्ट्स दिखाओ, जिससे कोर्ट स्वतः संज्ञान ले सके। या फिर याचिका दायर करो।

– बाद में इस केस में याचिका दायर की गई। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया, जम्मू-कश्मीर बार एसोसिएशन, जम्मू हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और कठुआ बार एसोसिएशन को नोटिस जारी किया।

वकील बोले- हमें बदनाम किया जा रहा है

– जम्मू-कश्मीर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बीएस सलाथिया ने कहा, “वकीलों को बदनाम किया जा रहा है। ऐसा राज्य में सांप्रदायिकता फैलाने के लिए किया जा रहा है। हम सिर्फ इतना कह रहे हैं कि केस को सीबीआई को सौंप दिया जाए। क्या कोई ये कहता है कि सीबीआई सांप्रदायिक है। क्राइम ब्रांच कश्मीर घाटी से एक अफसर को लाई है, जबकि महकमे के पास पर्याप्त अधिकारी हैं। इस अफसर पर पहले ही रेप और मर्डर के आरोप लग चुके हैं। ऐसा अफसर अगर जांच में शामिल रहेगा तो जांच प्रक्रिया पर ही सवालिया निशान लग जाएगा। इस केस में न सिर्फ न्याय होना चाहिए, बल्कि वास्तव में ऐसा लगना चाहिए कि न्याय हुआ।”

दुष्कर्म के 2 मामले, दोनों पर देश में गुस्सा

1) कठुआ: 8 साल की बच्ची से 7 लोगों ने रेप किया, फिर हत्या कर दी

– जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में जनवरी में 8 साल की बच्ची को अगवा किया गया। उसे रासना गांव के एक मंदिर में बंधक बनाकर 7 लोगों ने कई दिनों तक गैंगरेप किया गया। बाद में उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई। फिर पत्थर से सिर कुचल दिया गया। रीढ़ की हड्डी तोड़ दी गई, ताकि यह हादसा लगे।

मामला अब क्यों सामने आया?

– इस मामले में 4 महीने बाद अब पुलिस ने 7 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। मंदिर के मुख्य सेवादार सांझीराम को अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। उसके साथ कुल 8 लोग गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें से कुछ हिंदू एकता मंच से भी जुड़े हैं।

ये हैं आरोपी?

– मंदिर का सेवादार सांझी राम, उसका बेटा विशाल, सब-इंस्पेक्टर आनंद दत्ता, दो विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया और सुरेंद्र वर्मा, हेड कॉन्स्टेबल तिलक राज और स्थानीय नागरिक प्रवेश कुमार। इन सभी पर रेप, हत्या और अन्या धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया है।

2) उन्नाव: विधायक पर रेप का आरोप, शिकायत के 10 महीने बाद हिरासत में लिया

– उन्नाव में एक महिला ने भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ रेप का आरोप लगाया। पिछले साल 4 जून को शिकायत की। लेकिन महिला का कहना है कि जगह-जगह गुजार लगाने के बाद भी उसकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंह के बंगले के बाहर खुदकुशी करने की कोशिश की।

पिता की मौत के बाद मामले ने तूल पकड़ा

– पीड़िता के खुदकुशी की कोशिश करने के अगले ही दिन जेल में बंद उसके पिता की मौत हो गई। विधायक के भाई पर उनके साथ मारपीट करने और झूठा केस दर्ज कराने का आरोप था।

– केस की जांच पहले एसआईटी को सौंपी गई। विधायक के भाई अतुल को गिरफ्तार किया गया।

– बढ़ते दबाव को देखते हुए मुख्यमंत्री ने केस की जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश कर दी। शुक्रवार सुबह आरोपी विधायक को भी हिरासत में ले लिया गया। उन पर तीन केस दर्ज किए गए हैं।

स्मृति ने कहा- राहुल गांधी तो गायत्री प्रजापति का सपोर्ट कर रहे थे
– कठुआ और उन्नाव केस के विरोध में राहुल गांधी ने शुक्रवार देर रात कैंडिल मार्च निकाला तो अगले ही दिन केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने उन पर निशाना साधा।
– अमेठी दौरे पर पहुंचीं ईरानी ने कहा, “राहुल गांधी पहले तो गायत्री प्रजापति के समर्थन में थे, लेकिन अब उनकी मजबूरी है कि वो एक स्टैंड लें, लेकिन अमेठी सच्चाई जानती है। मुझे उम्मीद है कि न्याय मिलेगा।”

– बता दें कि सपा नेता और उत्तर प्रदेश में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर भी रेप का आरोप लगा था। वे अभी जेल में हैं।

भाजपा ने कहा- पार्टी निंदा कर चुकी है
– भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने कठुआ दुष्कर्म मामले पर कहा, “पार्टी पहले ही इस घटना की पहले ही निंदा कर चुकी है। दो लोगों (जम्मू-कश्मीर में भाजपा के मंत्रियों) को गुमराह किया गया है। उन्हें समझना होगा कि कभी भी एक तरफ की बातें सुनकर कार्रवाई नहीं की जाती है इस देश में कानून है जो अपना काम कर रहा है।”
– उन्होंने इशारों ही इशारों में कांग्रेस पर निशाना साधा। कहा, “आप उनका प्लान देखिए, पहले मायनॉरिटी-मायनॉरिटी चिल्लाते हैं फिर दलित-दलित और अब महिला-महिला। वह किसी न किसी रूप में केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं जबकि राज्य सरकार सभी मामलों पर सख्त कार्रवाई कर रही है।”