कमरा नंबर 108 में जो देखा, उसे जिंदगीभर नहीं भूलेगा दुबे परिवार

 बिहार के भागलपुर जिले से परीक्षा देने भोपाल आया एक नेवी के रिटायर्ड अफसर के बेटे ने हमीदिया रोड स्थित होटल गंगा पैलेस के रूम नंबर 108 में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। युवक 7 अक्टूबर से होटल में आकर रूका था। मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट में उसने आत्महत्या का कारण अपनी शरीरिक कमजोरी की बीमारी से परेशान होना बताया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

हनुमानगंज थाने के एएसआई नवनीत वर्मा ने बताया मूलतः भागलपुर (बिहार) का रहने वाला 28 वर्षीय प्रशांत पिता विभूति नारायण दुबे भागलपुर में रिलायंस कंपनी में जॉब करता था। वह 20 दिनों के लिए इंदौर आया था। वह 7 अक्टूबर को भोपाल पहुंचा।

वह होटल गंगा पैलेस में रूम नंबर 108 में ठहरा था। सोमवार को रूम सर्विस को उसके कमरे से बदबू आने पर शंका हुई तो उन्होंने रूम की डुप्लीकेट चाबी से दरवाजा खोला तो प्रशांत फांसी पर लटका हुआ था। होटल के मैनेजर सुभाष त्रिपाठी ने इसकी सूचना हनुमानगंज पुलिस को दी।

मौके पर पहुुंचकर पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर उसे पीएम के लिए हमीदिया अस्पताल भिजवाया। उसके कमरे की तलाशी लेने पर एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें एक पन्ने में पांच लाइन लिखी हुई हैं। पुलिस ने उसके पास से मिले पहचान पत्र और मोबाइल से उसके परिजनों को फोन किया।

जिसमें देवास में नौकरी करने वाले उसके चचेरे भाई सुमित दुबे और सगे छोटे भाई सुशांत को जानकारी दे दी। पीएम कराने के बाद उसका शव दोनों के सुपुर्द कर दिया। भाईयों ने शव की हालत को देखकर उसका अतिंम संस्कार सुभाष नगर विश्राम घाट में कर दिया। पुलिस को आशंका है कि उसने 7 अक्टूबर को ही फांसी लगा ली थी।

आई लव ऑल फैमिली

मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट में उसने अपने पूरे परिवार को आई लव यू लिखा है। साथ ही अपनी रिलायंस कंपनी के अफसरों को थैंक्स लिखा है। उसने सुसाइड नोट में अपनी बीमारी से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात लिखी है। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं। उसमें और कोई कारण सामने नहीं आया है।