कमाल है, लेक्चरर परीक्षा में -2.5 अंक वाला टॉपर

प्रदेश में स्कूली शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए राज्य सरकार कई जतन कर रही है। शिक्षकों की भर्ती भी की जा रही है। लेकिन जब शिक्षक ही माइनस मार्किंग वाले होंगे तो शिक्षा में गुणवत्ता कैसे आएगी? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) की लेक्चरर भर्ती परीक्षा (पंचायत) में माइनस अंक पाने वाला भी टॉपर बन गया।

दंतेवाड़ा के अभ्यर्थी अमर सिंह काथे ने अंग्रेजी लेक्चरर के लिए परीक्षा दी थी, इन्हें माइनस 2.5 अंक मिले हैं। वे ओवर ऑल रैंक में 22वें नंबर पर व एससी कैटेगरी में प्रथम रैंक पर हैं। उन्होंने बीएड भी नहीं किया है। सरकार ने संबंधित विषय में स्नातकोत्तर व बीएड अनिवार्य शर्त रखी है। वहीं जगदलपुर, नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा, कोण्डागांव में भी मेरिट सूची माइनस तक पहुंची है।

बताया जा रहा है कि पंचायत विभाग की भर्ती परीक्षा में कट ऑफ मार्क्स का प्रावधान नहीं है। एक चौथाई थी माइनस मार्किंग व्यापमं की भर्ती परीक्षा में एक चौथाई नेगेटिव मार्किंग थी। ज्यादातर अभ्यर्थी, जिन्होंने गलत आंसर पर टिक लगाया उनके अंक कट गए। इसके चलते कई अभ्यर्थियों के अंक माइनस में हैं। जिन जगहों पर एक अंक भी नहीं मिल पाया है, वहां माइनस वालों की सूची बनेगी।

अगस्त में हुई थी परीक्षा : स्कूलों में व्याख्याता के 4 हजार 128 पदों पर भर्ती के लिए 27 अगस्त को परीक्षा हुई थी। नगरीय निकाय के स्कूलों के लिए 1131 और पंचायत विभाग के स्कूलों में 2997 रिक्त पदों पर भर्ती होगी। पंचायत के लिए पंजीकृत 43349 अभ्यर्थियों में से 39571 ने परीक्षा दी थी।