कलेपाल जंगलों में मुठभेड़, नक्सली हड़मा को पैर पर लगी गोली, घायल हालत में पकड़ा गया

जगदलपुर(बिलासपुर)।लंबी खामोशी के बाद दरभा थाना क्षेत्र के पखनार चौकी के अंतर्गत पड़ने वाले जंगलों में एक बार फिर पुलिस-नक्सली मुठभेड़ शुक्रवार के तड़के हो गई। इस मुठभेड़ में एक नक्सली हड़मा को पैर में गोली लगी है जिसे पुलिस ने जिंदा पकड़ लिया है और उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया है।
– इलाके में नक्सली हलचल की खबरों के बाद पुलिस लगातार जंगलों में फोर्स को उतार रही थी। इसी मुहिम के चलते डीआरजी ओर एसटीएफ की चार पार्टियों को जंगलों में ऑपरेशन के लिए भेजा गया था।
– बताया जा रहा है डीआरजी जवानों की एक पार्टी नड़ेनार और कलेपाल के जंगलों में सर्चिंग कर रही थी। इसी दौरान नक्सलियों की एक टुकड़ी ने जवानों पर गोलीबारी कर दी और जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद जब इलाके की सर्चिंग की गई तो मौके से पुलिस ने कलेपाल निवासी हड़मा नामक युवक को घायल अवस्था में पकड़ा, उसके पैर में गोली लगी है। इसी तरह घटनास्थल से ही कुछ दूर पर मड्‌डा नाम के एक अन्य युवक को भी गिरफ्तार किया गया है।
– पुलिस अफसर इन दोनों को नक्सली बता रहे हैं और अफसरों का दावा है कि जंगलों में एक मुठभेड़ के बाद हड़मा और मड़्डा को पकड़ा गया है। एएसपी लखन पटले ने बताया कि पुलिस की एक पार्टी जंगलों में गई थी, इसी दौरान मुठभेड़ में एक नक्सली के पैर में गोली लगी। घायल नक्सली के साथ एक अन्य नक्सली को गिरफ्तार किया गया है।
एक कहानी ये भी… पटाखों और बंदूक की आवाज समझ नहीं पाई पुलिस
– इधर ह़ड़मा के मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाने के बाद एक नई कहानी भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि हड़मा और मड्‌डा नड़ेनार और कलेपाल के बीच जंगलों में पुलिस को देखकर पटाखे फोड़ने लगे और भागने लगे।
– जंगल में पुलिस को पटाखों और बंदूक की आवाज में फर्क समझ नहीं आया और जवानों ने जवाबी कार्रवाई कर दी। इसी दौरान हड़मा के पैर में गोली लगी। हालांकि इस कहानी पर किसी भी अफसर ने अधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं दिया है।
– वहीं हड़मा अभी मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। गौरतलब है कि जंगल में नक्सली अक्सर जवानों को दिगभ्रमित करने और अपने बड़े लीडरों को पुलिस की मौजूदगी का अहसास दिलाने के लिए पटाखे फोड़ते रहते हैं। इसके अलावा मुठभेड़ के दौरान भी नक्सली गोलियां कम और पटाखे ज्यादा फोड़ते हैं।
– शुक्रवार के तड़के कलेपाल के जंगलों में जहां पुलिस एनकाउंटर हुआ था उसी गांव में कुछ दिनों पहले नक्सलियों ने जोगा नाम के युवक को मौत के घाट उतारा था और नक्सलियों ने उसकी मौत की जानकारी पुलिस को देने से मना किया था।
– गांव वालों ने जोगा का अंतिम संस्कार भी कर दिया था। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जोगा की हडि्डयां गांव से लाई थी और नक्सलियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।