कवर्धा : मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में एक्सपायरी निडल से खून जांच

बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का दावा करने वाला छत्तीसगढ़ का स्वास्थ्य विभाग ही मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहा है। ताजा मामला कवर्धा जिले के पंडरिया ब्लाक के बिसेसरा का है, जहां नवीन शक्कर कारखाने के भूमि पूजन कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। जहां एक्सपायरी निडिल से खून की जांच की गई। यह गंभीर लापरवाही उस वक्त सामने आई जब खुद मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह भूमि-पूजन के लिए पहुंचे थे।

‘नईदुनिया’ ने इस लापरवाही को मौके पर ही पकड़ा। आयोजन स्थल पर ग्रामीणों की सभी प्रकार की जांच और उन्हें दवाईयों का वितरण किया जा रहा था। मलेरिया और हिमोग्लोबिन जांच के लिए लिनक्सेट नामक जिस निडिल का इस्तेमाल किया गया, उसकी अप्रैल 2010 में मैन्यूफेक्चरिंग हुई थी। एक्सपायरी डेट 5 साल थी, जो अप्रैल 2015 में बीत चुकी है।

हैरान करने वाली बात यह है कि बीते 8 महीनों से इसी निडिल से जिले का स्वास्थ्य महकमा मरीजों की खून जांच कर रहा है। इसी शिविर में नियर एक्सपायरी आयुर्वेदिक सिरप का भी वितरण किया जाना सामने आया। सवाल यह है कि एक्सपायरी सिरप को कितनों ने पिया होगा और निडिल कितनों पर इस्तेमाल हुई होगी। सवाल यह है कि इस जानलेवा लापरवाही का जिम्मेदार कौन है?

संक्रमण का खतरा-

स्वास्थ्य संबंधी मामलों के जानकारों का कहना है कि पहला तो 1 दिन भी एक्सपायरी निडिल, दवाओं का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। यह गाइड-लाइन में सामान्य सी बात है। दूसरा, अगर इनका इस्तेमाल हुए है तो मरीज को संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इससे जिस जगह पर खून निकालने के लिए निडिल चुभोई गई है, वहां पस बन सकता है। सेप्टिक भी हो सकता है।

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