कांग्रेस नेता ने मीडिया को बुलाकर बांटी मंत्री सीडी, फिर ऐसे कर दी वायरल

रायपुर।उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद से सीडी कांड में आरोपी पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ्तारी के बाद राजधानी रायपुर में दिनभर राजनीतिक एक्टिविटीज चलती रही। पत्रकार के बचाव में उतरे पीसीसी चीफ बघेल ने मीडिया को बंगले में बुलाकर सीडी बांटी और वर्मा पर हुई कार्रवाई का विरोध किया। वीडियों में दिख रहा शख्स है मंत्री…
– सीडी के वायरल होते ही सीडी में दिख रहे शख्स को कथित तौर पर मंत्री राजेश मूणत बताया तो वहीं बीजेपी के कई मंत्रियों और प्रदेश अध्यक्ष ने दोपहर में प्रेस कांफ्रेंस की। जिसमें इस कांड को राजेश मूणत को फंसाने की साजिश बताया।
– मंत्री राजेश मूणत ने पीसीसी चीफ पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी फर्जी सीडी पीसीसी चीफ भूपेश बघेल ने वायरल करवाई और लोगों को घर बुलाकर बांटी। इस तरह उनकी इमेज को खराब करने की कोशिश की गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष के रिश्तेदार और दिल्ली के पत्रकार वर्मा ने सीडी के बदले फिरौती मांगी थी।
मेरे पास सीडी है तो क्या मैं भी दोषी : बघेल
– भाजपा ने सीडी मामले में गिरफ्तार पत्रकार विनोद वर्मा और पीसीसी चीफ भूपेश बघेल के रिश्तों पर भी सवाल उठाए। प्रवक्ता शर्मा ने कहा कि भूपेश को बताना चाहिए, वर्मा से उनके क्या संबंध हैं? भाजपा ने यह भी कहा कि सेक्स सीडी कांड में बघेल की भी परोक्ष भूमिका है।
– इस पर बघेल ने भी पलटवार किया और कहा कि प्रदेश में सभी उनके करीबी हैं, ऐसे में वर्मा को करीबी रिश्तेदार बताकर उन्हें घेरने की कोशिश की जा रही है।
– इससे पहले, भूपेश ने वर्मा की गिरफ्तारी के बाद सुबह करीब 11 बजे अपने निवास पर मीडिया को बुलाकर सीडी बांटी और सवाल उठाया कि हमारे पास भी सीडी है तो क्या हम आरोपी हो गए? उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री के प्रभाव की वजह से पुलिस ने सीनियर पत्रकार को आनन-फानन में गिरफ्तार किया है।
यह घिनौनी साजिश: मूणत
– प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद मंत्री मूणत ने सीडी को पूरी तरह फर्जी और विपक्ष की घिनौनी साजिश करार दिया। मूणत ने कहा कि किसी भी एजेंसी से किसी भी स्तर पर सीडी की जांच करवा ली जाए। एक सवाल पर मूणत ने यह भी कहा कि पत्रकार वर्मा का उनके पास कभी कोई फोन नहीं आया।
पुलिस ने पत्रकार और पीसीसी चीफ को बनाया आरोपी
पुलिस ने मंत्री राजेश मूणत की शिकायत पर पीसीसी चीफ भूपेश बघेल को आईटी एक्ट की धारा 67(ए) के तहत केस दर्ज किया। विनोद वर्मा के खिलाफ रायपुर के पंडरी थाने में आईपीसी की धारा 384 और 507 के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही धारा 67 (ए) के तहत भी मामला दर्ज किया गया हैं।
क्या है मामला
– पुलिस के मुताबिक 26 अक्टूबर को प्रकाश बजाज नाम के शक्स ने फोन पर धमकी देने का मामला दर्ज करवाया था। जिसमें कहा गया था कि फोन पर प्रकाश से एक व्यक्ति ने कहा कि ‘तुम्हारे आका का अश्लील वीडियो हमारे पास है’ ये कहकर पैसों की मांग की गई।
– पैसे न देने पर सीडी को वायरल करने की धमकी भी दी गई थी। इस शिकायत के बाद राजपुर पुलिस मामले की जांच में जुट गई थी। इस दौरान पुलिस जांच करते हुए दिल्ली के एक वीडियो संचालक के पास पहुंची। इस जांच में विनोद द्वारा 1000 सीडी बनवाने की जानकारी मिली थी।
कांग्रेस ने मांगी सीबीआई जांच, कल से प्रदर्शन
कांग्रेस ने मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पीसीसी चीफ भूपेश बघेल ने कहा कि पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराई जाए। कांग्रेस ने मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए रविवार से पूरे राज्य में प्रदर्शन करने का एेलान किया है। जोगी कांग्रेस भी मामले में कूद पड़ी है।
अनसुलझे सवाल
1. सीडी की कॉपियां बनाने वाले दुकानदार के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की?
2. लैंडलाइन पर कई धमकी भरे कॉल आने के बाद भी प्रकाश बजाज अब तक चुप क्यों रहा?
3. विनोद वर्मा ने जब किसी को कॉल ही नहीं किया तो उस पर ब्लैकमेलिंग का आरोप क्यों?
4. क्या मामला कल ही उठा और पुलिस अचानक सक्रिय हुई या यह शिकायत पहले ही मिलने के बाद कई दिन की कवायद हुई?
ये हैं 5 किरदार
1. राजेश मूणत: बताया जा रहा है कि सेक्स सीडी इन्हीं की है।
2. महिला: वीडियो में अस्पष्ट।
3. विनोद वर्मा: पत्रकार, सीडी रखने और धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार।
4. प्रकाश बजाज: रिपोर्ट दर्ज कराई कि सीडी की धमकी देकर पैसे मांगे जा रहे हैं।
5. भूपेश बघेल: प्रदेश कांग्रेस चीफ, घर बुलाकर सीडी बांटने के केस में आरोपी।
इससे पहले हुए 5 बड़े सीडी कांड
2016 अजीत जोगी व पुत्र के खिलाफ सीडी देने वाले को कांग्रेस में पद देने का ऑफर करते पीसीसी चीफ की सीडी।
2016 अंतागढ़ टेप कांड। उपचुनाव में कांग्रेस के मंतूराम को नाम वापस लेने के लिए सौदा करने की सीडी आई।
2005 भाजपा सांसद प्रदीप गांधी संसद में सवाल पूछने के एवज में घूस लेते हुए कैमरे में कैद हुए थे।
2003 विधायक खरीद-फरोख्त कांड। चुनाव में भाजपा विधायकों को खरीदने की कोशिश हुई थी।
2003 में दिलीप सिंह जूदेव का रिश्वत टेप कांड। सीडी में जूदेव कह रहे थे- पैसा खुदा नहीं पर उससे कम भी नहीं।