कुत्ते नहीं बिल्लियां पालें, बीपी रहेगा कंट्रोल, बचेंगे हार्ट अटैक से, ये हैं फायदे..!

समाज में जानवरों को पालना अच्छा ही माना गया है. लोग कुत्ते, बिल्ली, गाय, बकरी जैसे जानवर पालते हैं. लेकिन हमारे देश में बिल्लियों को पालना अक्सर अपशगुन माना जाता है. लेकिन वैज्ञानिक नजरिये से देखें तो बिल्लियों को पालना फायदे का सौदा है. आइए जानते हैं क्‍यों?
बिल्ली पालें, हॉर्ट अटैक से बचें: कम से कम 4,435 ऐसे मामले पाए गए हैं, जिसमें बिल्लियों को पालने से हॉर्ट अटैक का खतरा एक तिहाई तक कम हो जाता है. शोधकर्ताओं का दावा है कि बिल्लियों को पालने से व्यक्ति तनाव से बच जाता है.

आपसी रिश्तों मददगार हैं बिल्लियां: कम से कम 90 फीसदी महिलाओं ने कहा है कि जो व्यक्ति बिल्ली पालते हैं, वो बाकी मर्दों की तुलना में कहीं अच्छी बेहतर इंसान होते हैं. वो लंबे संबंधों को वरीयता देते हैं.

बिल्लियां इंसानों जितनी ही संवेदनाएं वाली होती हैं. एक स्विस रिपोर्ट भी इसी तरफ इशारा करती है.

बिल्लियां प्रदूषण कम फैलाती हैं. जी हां, बिल्लियां पालने का ये भी बेहतरीन बहाना हो सकता है.

आप तनाव से गुजर रहे होते हैं, तो आपका साथी भले ही आपका साथ छोड़ जाएं, पर बिल्लियां आपका साथ कभी नहीं छोड़ेंगी. उनकी म्यॉऊं आपको प्यारा सा अहसास देगी.

बिल्लियों से बात करने और उनके साथ खेलने से ब्लड प्रेशर कम हो जाता है. यानी कि अगर आप हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्या से जूझ रहे हैं, तो बिल्लियों से बेहतर आपका कोई साथी हो ही नहीं सकता.

इंसानों के खाने-पीने के सबसे नजदीक होती हैं बिल्लियां. जी हां, आप वेज फूड खा रहे हों या नॉन वेज. दोनों ही समय बिल्लियां आपका साथ दे सकती हैं. इंसानों के साथ बिल्लियों का लगाव इसलिए भी बेहतरीन हो जाता है.

बच्चों के लिए स्वास्थ्यप्रद होती हैं बिल्लियां. ये कम प्रदूषण फैलाती हैं, जिसकी वजह से एलर्जी जैसी समस्याएं नहीं फैलती.

बजट भी नहीं बढ़ाती बिल्लियां: जी हां, बिल्लियों का पालन कम खर्च में हो जाता है, कुत्तों की तुलना में.

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