कुश्ती से संन्यास लेने के ऐलान पर ओलंपियन पहलवान का बयान, तारीफ-ए-काबिल

देश के मशहूर ओलंपियन पहलवान योगेश्वर दत्त ने कुश्ती से संन्यास लेने का ऐलान करके चहेतों को हिला दिया, वहीं अब उन्होंने एक बड़ा बयान दिया है।
ओलंपिक पदक विजेता योगेश्वर दत्त ने कहा कि उनका लक्ष्य अगले साल इंडोनेशिया में होने वाले कामनवेल्थ व एशियन खेलों में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने का है। उसके बाद ही वह संन्यास लेंगे। योगेश्वर दत्त शनिवार को देर शाम शहर की एक निजी संस्था के कार्यक्रम में पहुंचे थे, जहां उन्होंने कहा कि फिलहाल वह चोट से उबरने के साथ फिटनेस पर ध्यान दे रहे हैं।
इन दिनों योगेश्वर गांव बलि ब्राह्मणन स्थित अपनी अकादमी में रोजाना अभ्यास कर रहे हैं। कुश्ती से संन्यास लेने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनका पूरा ध्यान अगले साल होने वाले कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स पर है। देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना चाहता हूं। वहीं संन्यास के बाद भी कुश्ती से जुड़ा रहने और अपनी अकादमी में देश के लिए पहलवानों की नई पौध तैयार करने की बात कही।
लंदन ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त योगेश्वर दत्त ने संन्यास लेने का फैसला उम्र बढ़ने के साथ ही चोट से जूझने के कारण लिया है। ओलंपिक में एक बार देश को कांस्य पदक दिलाने वाले हरियाणा के पहलवान योगेश्वर दत्त जब रियो ओलंपिक में गए थे तो उनसे पदक का रंग बदलकर लाने की उम्मीद थी। यह उम्मीद उस समय धूमिल हो गई थी, जब योगेश्वर को पहले ही राउंड में हार झेलनी पड़ी थी।
रियो जाने से पहले ही योगेश्वर साफ कर चुके थे कि वह अगला ओलंपिक नहीं खेलेंगे, क्योंकि वह लगातार चोट से जूझ रहे थे। पर किसी को यह उम्मीद नहीं थी कि रियो ओलंपिक के चंद महीने बाद ही योगेश्वर दत्त संन्यास की घोषणा कर देंगे। योगेश्वर दत्त ने कहा है कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद संन्यास की तैयारी कर रहे हैं। यह कॉमनवेल्थ गेम्स अगले साल की शुरुआत में होंगे। वह उसमें स्वर्ण पदक जीतने का पक्का इरादा कर चुके हैं।
योगेश्वर कहते हैं कि कुश्ती में उम्र व शरीर को फिट रखना अहम होता है और जब उम्र बढ़ने के साथ ही चोट ज्यादा परेशान करने लगे तो उस समय सोचना पड़ता है। उनके अनुसार किसी भी खिलाड़ी को कोई फैसला लेने के लिए सही समय देखना चाहिए और वह सही समय अब आ चुका है। योगेश्वर जल्द ही 35 साल के होने वाले हैं और वह इसे संन्यास लेने का सही समय मानते हैं।
योगेश्वर दत्त भले ही कुश्ती को अलविदा कहने की तैयारी कर चुके हों, लेकिन उनकी जगह देश के लिए ऐसा ही पहलवान तैयार हो चुका है। वह कोई दूसरा नहीं, बल्कि योगेश्वर के साथी पहलवान बजरंग पूनिया हैं। बजरंग ने पिछले महीने ही एशियन चैंपियनशिप में देश के लिए स्वर्ण पदक जीता है और वह पहले भी लगातार पदक जीतते रहे हैं। ऐसे में योगेश्वर के बाद बजरंग उनकी जगह संभालेंगे।
योगेश्वर दत्त ने संन्यास लेने के बाद भी कुश्ती से दूर नहीं जाएंगे। वह कहते हैं कि देश के लिए बेहतर पहलवान तैयार करने के लिए ही उन्होंने कुश्ती एकेडमी खोली है। वह अपना अनुभव उस एकेडमी में देश के भावी पहलवानों में बांटेंगे, जिससे वे कुश्ती के हर दांवपेंच सीखकर पदक जीत सकें। योगेश्वर दत्त की गोहाना में कुश्ती एकेडमी चल रही है और वह इस समय वहां समय-समय पर पहलवानों को कुश्ती के गुर सिखाते हैं।