कृषि कर्मण अवार्ड चौथी बार मिलने पर आज मुख्यमंत्री निवास पर किसान सम्मान समारोह

19 किसान और 25 विभाग-संस्था होंगे पुरस्कृत

मध्यप्रदेश को लगातार चौथी बार कृषि कर्मण अवार्ड मिलने पर प्रदेश के किसानों का सम्मान समारोह 31 जनवरी को शाम 5 बजे मुख्यमंत्री निवास पर होगा। समारोह में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव उपस्थित रहेंगे।

समारोह में ऐसे किसान, जिन्होंने उत्पादकता और उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, उनका सम्मान किया जायेगा। सम्मान-स्वरूप उन्हें 50 हजार की राशि दी जायेगी। साथ ही उन विभाग को भी सम्मानित किया जायेगा, जिनके सहयोग से प्रदेश में खेती-किसानी समृद्ध हुई।

कृषि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ पिछले 10 वर्ष में रही हैं। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की नीतियों और उनके एजेंडे में किसान-कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता में होने से प्रदेश की कृषि विकास दर मात्र 4 वर्ष में 14.76 प्रतिशत से बढ़कर 20.11 प्रतिशत पर पहुँच गयी। इसके कारण प्रदेश को वर्ष 2011-12, 2012-13 और वर्ष 2014-15 में पूरे देश में सर्वाधिक खाद्यान्न उत्पादन के लिये कृषि कर्मण अवार्ड मिला और वर्ष 2013-14 में गेहूँ उत्पादन में अवार्ड प्राप्त हुआ। सरकार की नीतियों और किसानों की मेहनत के साथ ही कृषि कार्य से जुड़े मैदानी अधिकारी-कर्मचारियों की कोशिशों से यह महत्वपूर्ण उपलब्धि पाना संभव हुआ।

पिछले 10 वर्ष में कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव

मध्यप्रदेश में पिछले 10 वर्ष में खेती के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आये हैं। कृषि विकास दर में सालाना वृद्धि होने के साथ ही आज प्रदेश दलहन तथा तिलहन उत्पादन में पहले नम्बर पर और सम्पूर्ण खाद्यान्न उत्पादन में दूसरे नम्बर पर है। कृषि उन्मुखी नीतियों और किसानों की लगन एवं कड़ी मेहनत से प्रदेश सोयाबीन एवं चना उत्पादन में पहले नम्बर पर, मसूर, सरसों उत्पादन में दूसरे नम्बर पर है। विगत 10 वर्ष में प्रदेश में मक्का उत्पादन में दोगुना, गेहूँ उत्पादन में तीन गुना तथा धान उत्पादन में चार गुना की वृद्धि हुई है। एक दशक में कृषि क्षेत्रफल में 39 लाख हेक्टेयर की बढ़ोत्तरी हुई है। आज प्रदेश का गेहूँ पूरे हिन्दुस्तान में एम.पी. ब्राण्ड के नाम से बिकता है। लहसुन, अमरूद, औषधि और सुगंधित फसलों में प्रदेश पहले स्थान पर है। धनिया, मटर एवं प्याज उत्पादन में दूसरे स्थान पर तथा टमाटर और फूलों की खेती में देश में तीसरे स्थान पर है।

उत्पादकता में वृद्धि के लिये राज्य सरकार के प्रयास से वर्ष 2015 में रासायनिक खाद की उपलब्धता में 30 प्रतिशत और रबी में 18 प्रतिशत वृद्धि हुई है। बीज उत्पादन को प्राथमिकता देने से देश में सबसे अधिक प्रमाणित बीज प्रदेश में पैदा होता है, जो विगत 10 वर्ष में दोगुना हो गया है। प्रदेश में 730 कस्टम हायरिंग सेंटर खोले गये हैं तथा 510 इस वर्ष खोले जा रहे हैं। प्रदेश में वर्षा आधारित कृषि क्षेत्र 10 वर्ष में एक चौथाई ही रह गया है।

19 किसान और 25 विभाग होंगे पुरस्कृत

कृषि कर्मण अवार्ड में 10 जिले के 19 किसान को सम्मानित किया जायेगा। इनमें ‘आत्मा’ परियोजना में कृषि क्षेत्र के विस्तार के लिये 10 कृषक, जो मुरैना, देवास, नीमच, नरसिंहपुर, हरदा और धार जिले के हैं, को राज्य-स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा। इसी तरह 5 जिले के 9 कृषक जिला-स्तरीय कृषक पुरस्कार से सम्मानित होंगे। राज्य-स्तरीय पुरस्कार प्राप्त कृषकों को 50 हजार तथा जिला-स्तरीय पुरस्कार प्राप्त कृषकों को 25 हजार रुपये दिये जायेंगे।

सम्मान समारोह में कृषकों को कृषि उत्पादन में वृद्धि में सहयोग के लिये 25 विभाग, संस्था और कृषि विश्वविद्यालय को भी पुरस्कृत किया जायेगा। इनमें कृषि उत्पादन आयुक्त, किसान-कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, जल-संसाधन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, सहकारिता, ऊर्जा, जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, राजमाता सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, किसान-कल्याण तथा कृषि विकास, कृषि अभियांत्रिकी, मध्यप्रदेश राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम, राज्य कृषि विपणन बोर्ड, मध्यप्रदेश बीज प्रमाणीकरण संस्था, राज्य सहकारी विपणन संघ, कृषि उद्योग विकास निगम, आयुक्त एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएँ, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक, जल-संसाधन, जल-ग्रहण विकास कार्यक्रम, जिला गरीबी उन्मूलन परियोजना, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बीज उत्पादक एवं विपणन संघ, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी जबलपुर, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी भोपाल एवं पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी इंदौर को सम्मानित किया जायेगा।

इन विभागों के मैदानी स्तर के अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानित करने के लिये मापदण्ड तैयार किये जा रहे हैं। इसके आधार पर चयन कर उन्हें पुरस्कृत करने के लिये एक कार्यक्रम बाद में आयोजित होगा।

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