कोण्डागांव : बोनस वितरण करके सरकार ने पूरा किया संकल्प – प्रेमप्रकाश पाण्डेय : किसानों को उनके मेहनत का वाजिब मूल्य दिलाने हेतु शासन प्रतिबद्ध – सांसद

प्रदेश किसान और मजदूर  छत्तीसगढ़ राज्य के असली निर्माता हैं, जिनकी मेहनत से ही प्रदेश निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। किसानों की मेहनत और उनके पसीने के बलबूते ही प्रदेश में अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बन रहा है। अतः सूखे के हालत में भी राज्य शासन किसानों के पक्ष में डटकर खड़ी रही और उनके हित में निर्णय लिये। किसानों को उनकी मेहनत का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए जहां प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की बेहतर व्यवस्था की गई है, वहीं उन्हें वर्ष 2016 के धान के लिए 300 रूपए प्रति क्विंटल की दर से 2100 करोड़ रूपए का बोनस भी दिया जा रहा है। दिनांक 04 अक्टूबर 2017 को बोनस एंव किसान मेला सह पंच सरपंच सम्मेलन के अवसर पर स्थानीय डी.एन.के ग्राउण्ड में मुख्य अतिथि मंत्री राजस्व एंव आपदा प्रबधन ,पुनर्वास उच्च शिक्षा कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा श्री प्रेम प्रकाश पाण्डे द्वारा उक्त आशय के विचार प्रकट किये गए।
जिले के प्रभारी मंत्री ने कहा – बोनस वितरण के जरिये राज्य सरकार अपना एक बड़ा संकल्प पूरा किया है। हमने किसानों को दीपावली से पहले बोनस देने का संकल्प लिया था। सहकारी समितियों में इस वर्ष धान बेचने वाले किसानों को अगले वर्ष बोनस दिया जाएगा। उन्होंने बोनस राशि की स्वीकृति प्रदान करने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार भी प्रकट किया। उन्होंने कहा कि शासन की नीतियों के फलस्वरुप आज गांव-गांव प्रगति की ओर अग्रसर है चाहे वह शिक्षा के क्षेत्र में हो स्वास्थ्य अथवा अधोसंरचना सभी जगह राज्य शासन ने विकास के नए प्रतिमान स्थापित किए है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए शासन ने कारगर कदम उठाये है जिसके परिणाम हमे शीघ्र ही देखने को मिलेंगे। इसके साथ ही आज उनके द्वारा कोण्डगांव तहसील के 4222 कृषको को  5 करोड़ 60 लाख 52 हजार 240 रूपये, केशकाल तहसील के 3508 किसानो को 4 करोड़ 31 लाख 98 हजार 230 रूपये, फरसगांव तहसील के 2119 कृषको को 2 करोड़ 91 लाख 91 हजार 740 रूपये, माकड़ी तहसील के 2964 किसानो को 3 करोड़ 67 लाख 45 हजार 800 रूपये और बड़ेराजपुर तहसील के 3251 कृषको को 4 करोड़ 14 लाख 3 हजार 360 रूपये का बोनस वितरण करते हुए प्रतीक स्वरुप बोनस का प्रमाण पत्र सौंपा।
इस दौरान बस्तर सांसद श्री दिनेश कश्यप ने शासन की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से एक बड़े स्तर में बदलाव दिखाई दे रहा है। चाहे वह उज्जवला योजना हो, सौर सुजला अथवा बीमा योजना प्रत्येक योजनाओं ने लोगो के रहन-सहन मे बुनियादी परिवर्तन लाया है। मंत्री द्वय श्री केदार कश्यप एवं श्रीमती रमशीला साहू ने बोनस तिहार में हजारों की संख्या में आए किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा – छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के इतिहास में यह पहला अवसर था, जब हमारी सरकार ने विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाकर किसानों को बोनस देने के लिए 2100 करोड़ रूपए का अनुपूरक बजट पेश किया, जो ध्वनिमत से पारित किया गया। यह विशेष बजट सत्र किसानों के प्रति राज्य सरकार और हमारी विधानसभा की संवेदनशीलता को प्रकट करता है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सबके साथ सबके विकास की भावना के अनुरूप विकास का एक नया युग शुरू हुआ है। श्री मोदी ने किसानों के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित कई कल्याणकारी योजनाओं की शुरूआत  की है। प्रदेश में इस बार अल्पवर्षा की वजह से छत्तीसगढ़ की 96 तहसीलों में सूखे की स्थिति उत्पन्न हुई है जिसके लिए प्रदेश सरकार  इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए किसानों को हर संभव मदद कर रही है।
अध्यक्ष खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम सुश्री लता उसेण्डी ने ठेठ हल्बी भाषा में संबोधित करते हुए कहा कि शासन ने समाज के हर वर्ग के लोगो की चिन्ता की है उसी का परिणाम यह ‘‘बोनस तिहार‘‘है। पूर्ववर्ती शासन के मुकाबले आज हर क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास देखने को मिल रहा है। राज्य शासन की सफलता गिनाते हुए उन्होंने कहा – शासन ने अपना हर वादा निभाया है विशेष तौर पर महिलाओं एवं किसानों के पक्ष में।
कार्यक्रम के पूर्व जिला कलेक्टर समीर विश्नोई द्वारा किसान बोनस के संबंध में प्रतिवेदन पढ़ा गया और जिले में कृषि क्षेत्रफल एवं गत् वर्ष के कृषि उत्पादन एवं विपणन की जानकारी दी गई। इस मौके पर पूर्व विधायक मंगलराम उसेण्डी, पुलिस अधीक्षक आशुतोष सिंह, सीइओ जिला पंचायत डॉ0संजय कन्नौजे, एसडीएम खेमलाल वर्मा, मनोज जैन सहित जनप्रतिनिधि तथा हजारों की संख्या में किसान एवं प्रबुद्धजन उपस्थित थे।