कोर्ट ने पूछा कर वसूली की क्या व्यवस्था है, दो सप्ताह में बताए नगर परिषद

हाईकोर्ट की युगल पीठ ने नगर परिषद बिलौआ से दो सप्ताह में जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि वर्तमान में अस्थाई कर की वसूली की क्या व्यवस्था है। नगर परिषद शपथ पत्र पर पेश कर अवगत कराए।

महेंद्र चतुर्वेदी ने जनहित याचिका दायर की है। इस याचिका का जवाब पेश कर शासन की ओर से बताया गया कि नगर परिषद अध्यक्ष को पद से पृथक करने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। नंपा अधिकारी व राजस्व निरीक्षक को विभागीय जांच के नोटिस जारी किए हैं। इस याचिका पर बहस से पहले नगर परिषद को जवाब पेश करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। ज्ञात हो कि नगर परिषद ने अपने क्षेत्र में अस्थाई कर वसूली का प्रस्ताव पास किया था। इस वसूली का ठेका दिया जाना था, लेकिन नगर परिषद अध्यक्ष व पार्षदों ने अपने स्तर पर ही वसूली कर ली और इसकी सब डिवीजन ऑफीसर ने जांच की थी, जिसमें 22 लाख रुपए की अनियमितता पाई गई, लेकिन यह पैसा सरकारी खजाने में जमा नहीं हुआ है।