कौन है सैयद सलाहुद्दीन? जानिए 12 खास बातें

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात से पहले भारत को बड़ी कूटनीतिक जीत हासिल हुई है. हिजबुल मुजाहिद्दीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन को अमेरिका ने सोमवार (26 जून) को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कर दिया है. अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने सलाहुद्दीन अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किया.

सैयद सलाहुद्दीन से जुड़ी 12 बातें

सैयद सलाहुद्दीन 1990 से पहले कश्मीर में यूसुफ शाह के नाम से जाना जाता था.

उसने वर्ष 1987 में मुस्लिम यूनाइटेड फ्रंट के टिकट पर जम्मू-कश्मीर में विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था. हालांकि, वो इस चुनाव में हार गया था.

उस वक्त ऐसी ख़बरें भी आई थीं कि 1987 के विधानसभा चुनाव में ज़बरदस्त तरीके से धांधली की गई थी.

अलगाववादी विचारधारा और पाकिस्तान का एजेंडा चलाने की वजह से सलाउद्दीन को जेल में बंद कर दिया गया था.

लेकिन जब वो जेल से छूटा तो सुधरने के बजाए वो और ख़तरनाक हो चुका था.

5 नवंबर 1990 को यूसुफ शाह..सैयद सलाहुद्दीन बन गया और सीमा पार करके, पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद पहुंच गया.

वहां उसने हिज़्बुल मुजाहिद्दीन नामक संगठन बनाकर जम्मू-कश्मीर में आंतकवादी गतिविधियों की शुरुआत कर दी.

सैय्यद सलाउद्दीन वही आतंकी है, जिसने वर्ष 2012 में ये स्वीकार किया था, कि कश्मीर घाटी में लड़ाई के लिए पाकिस्तान हिजबुल मुजाहिद्दीन का समर्थन करता है.

वो ये भी कह चुका है, कि अगर पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों का समर्थन नहीं किया, तो वो खुद पाकिस्तान पर हमला कर देगा.

सलाउद्दीन यह कहता रहा है कि वो कश्मीर को ‘भारत के फौजियों की कब्रगाह’ बना देगा.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सलाउद्दीन को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से पैसा मिलता है.

पाकिस्तान की सरकार ने उसे इस्लामाबाद में रहने की एक ख़ास जगह भी दी हुई है.