गजेंद्र चौहान को FTII का चेयरमैन बना के सरकार ने गलत फैसला लिआ

अनुपम खेर ने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कई बड़े खुलासे किए हैं।  आजतक मंथन कार्यक्रम में अनुपम खेर ने अपने संघर्ष को याद करते हुए कहा कि वो  37 रुपए लेकर मुंबई आए थे और आज FTII (एफटीआईआई) के चेयरमैन बन गए हैं। उन्हें इस बात पर आज भी भरोसा नहीं होता लेकिन उन्होंने इस कार्यक्रम के दौरान कई और बड़े खुलासे किए।

FTII का चेयरपर्सन बनाए जाने के आरोपों पर अनुपम खेर ने कहा कि उनका अपना करियर और 508 फिल्मों में काम करना ये योगदान कुछ भी नहीं है क्या? वो आलोचनाओं से डरने वाले इंसान नहीं हैं। उनका मानना है कि लोग नेगेटिव चीज की ओर ज्यादा जाते हैं और पॉजीटिव नहीं देखते। अनुपम खेर ने गजेंद्र चौहान का बिना नाम लिए कहा कि उनके पहले जो भी इस कुर्सी पर थे उसे चेयरपर्सन बनाना गलत फैसला था।

अनुपम खेर ने बताया कि एक दिन पहले स्मृति ईरानी का उनके पास फोन आया कि उन्हें अब एफटीआईआई की जिम्मेदारी संभालनी है। वो इसके लिए तैयार नहीं थे। वो इस जिम्मेदारी को लेने की कोई औपचारिकता नहीं चाहते थे। उन्होंने बताया कि वो चेयरपर्सन बनने के बाद बिना बताए एफटीआईआई गए। वो अनुपम खेर का बोझ लेकर वहां नहीं जाना चाहते थे।

अपना खुद का एक्ट‍िंग स्कूल होने के सवाल पर अनुपम ने बताया कि ये उनकी अपनी जगह है। एफटीआईआई के स्टूडेंट सब समझते हैं। अनुपम ने उनके समर्थन वाला मेल भी दिखाया। उन्होंने कहा कि 40 साल पहले 8 स्टूडेंट्स के साथ एक कमरे में उन्होंने एक्टिंग स्कूल की शुरुआत थी और अब इसे यहां तक ले आए हैं।