गाड़ि‍यों के लिए ढाई लाख वीआईपी नंबर, लेकिन नहीं मिल रहे खरीददार

वाहन के वीआईपी नंबरों के प्रति लोगों के कम होते रुझान और इंदौर में ही 19 हजार नंबरों को खरीदार नहीं मिलने से परिवहन विभाग ने नई योजना तैयार की है। अब एक बार की नीलामी में वीआईपी नंबर नहीं बिके तो उन्हें नीलामी प्रक्रिया से बाहर कर सामान्य श्रेणी में रखा जाएगा।

आवेदक सीधे फीस जमा कर इन्हें खरीद सकेंगे। प्रदेश में फिलहाल ढाई लाख वीआईपी नंबर खाली हैं। आरटीओ डॉ. एमपी सिंह ने बताया उन्होंने आयुक्त को प्रस्ताव भेजा है। वहां से शासन के पास भेजा जाएगा। पास हो गया तो शासन को करोड़ों रुपए की अतिरिक्त आय हो सकती है।

प्रदेशभर में खाली पड़े ढाई लाख से अधिक नंबर करीब तीन साल पहले नीलामी प्रक्रिया शुरू होने के समय से ही खाली हैं। आरटीओ के मुताबिक उन्होंने कहा है कि नई सीरीज बोली प्रक्रिया में शामिल होते ही कुछ नंबर बिकते हैं इसके बाद लोग रुझान नहीं दिखाते।

उनके पास वीआईपी नंबर बिना बोली प्रकिया के लेने का विकल्प रहेगा तो वे इन्हें जरूर लेंगे। विभाग ने आखिर में ’00’ वाले नंबरों को भी वीआईपी नंबरों में शामिल कर दिया है। इन्हें लेने के लिए भी नीलामी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। ये नंबर सीधे शुल्क भरकर लिए जाएं, ऐसा विकल्प भी दिया जाए।

कई श्रेणी में एक भी नंबर नहीं बिका

स्मार्ट चिप कंपनी के मुताबिक नीलामी प्रक्रिया में कई श्रेणी (ट्रैक्टर व एग्रीकल्चर वाहन, ऑटो रिक्शा, भारीवाहन) में आज तक वीआईपी नंबर बिके ही नहीं। वहीं माह में दो बार होने वाली नीलामी प्रक्रिया में कई बार एक दर्जन नंबर भी नहीं बिक पाते हैं।