गुजरात चुनाव: इन दो सीटों पर जीत दर्ज करना छाएगी भाजपा ,52 साल के इतिहास में कभी नहीं जीती …

अहमदाबाद: गुजरात में पिछले 22 सालों से बीजेपी का जादू बरकरार है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गढ़ गुजरात में ही 2 विधानसभा सीटें ऐसी है जिस पर बीजेपी को एक बार भी जीत नसीब नहीं हुई। ये दो सीटें है राजकोट जिले की जसदान और तापी की व्यारा सीट। इन सीटों से गैर-भाजपा उम्मीदवार ही जीते हैं। बीते 52 सालों में हुए चुनावो में भाजपा को यहाँ कभी जीत नसीब ही नहीं हुई |हालांकि इस बार बीजेपी जसदान और व्यारा पर जीत हासिल करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाह रही है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह दोनों की रैलियां इन विधानसभाओं में रखी गई थी। इसके आलावा स्टार प्रचारकों का भी यहाँ जमावड़ा लगा हुआ हे | भाजपा की हर का यहाँ सबसे बड़ा कारण हे अशिक्षा राजपरिवार के सदस्य सत्यजीत कुमार खच्चर का भाजपा को समर्थन प्राप्त है।
सत्यजीत का कहना है कि जसदान में कांग्रेस के समर्थन की वजह और बीजेपी के न जीत पाने का कारण यहां के लोगों में शिक्षा का आभाव होना है। उन्होंने बताया कि अब समय के साथ यहां शिक्षा के स्तर में सुधार हो रहा है, जिससे एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। जिससे हमें एक बार पुनः जीत की आस लग रही हे |कांग्रेस नहीं तो निर्दलीय जीते,
जसदान की सीट से कांग्रेस पार्टी को 8 बार जीत मिली है और 4 बार निर्दलीय प्रत्याशियों को जीत मिली है। पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के सहयोगी दिनेश बम्भानिया के पिता भीखालाल ने यहां 1990 में कांग्रेस उम्मीदवार कुंवरजी बावलिया के खिलाफ चुनाव लड़ा और जीत भी हासिल की थी पर भाजपा का यहाँ एक बार भी खता ही नहीं खुला |