गुजरात चुनाव: हार्दिक के नाम पर बंट रहे हैं ग्रामीण व शहरी पाटीदार युवा…

गुजरात : आरक्षण की मांग को लेकर पिछले कुछ वर्षो में गुजरात की राजनीति को हिला देने वाले पाटीदार युवाओं के बीच उनके नेता हार्दिक पटेल के नाम पर इस विधानसभा चुनाव में मत-विभाजन देखने को मिल रहा है। जहां ग्रामीण इलाकों में हार्दिक को युृवाओं का जोरदार समर्थन मिल रहा है, वहीं शहरी क्षेत्र के युवा उनको लेकर उतने उत्साही नहीं हैं। मेहसाना, अमरेली, वडोदरा और सूरत जैसे पाटीदार बहुल इलाकों में ठीक ठाक प्रतिक्रिया मिली। ग्रामीण इलाकों के युवा जहां हार्दिक के प्रबल समर्थक हैं, वहीं शहरी क्षेत्र के युवा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और हार्दिक की अगुआई में राज्य में समृद्ध व जमींदार रहे पटेलों के लिए आरक्षण की मांग करने वाली पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पीएएएस) के बीच बंटे हुए हैं। जिससे हार्दिक पटेल के लिए मुश्किलें बढ़ गयी है| साथ ही मत विभाजन का भी दर बना हुआ है जिससे दूसरे दलों को फायदा होता दिख रहा है |
पाटीदार समुदाय का कहना है की “समाज के गरीब परिवारो को आरक्षण मिले जिससे वे उनके जीवन में उम्मीद की एक किरण जगे |”आरक्षण के लिए संविधान में ऊपरी सीमा 50 फीसदी तय है, ऐसे में कोई सरकार कैसे पाटीदारों को आरक्षण दे सकती है? इस सवाल पर वह कहते हैं कि कुछ न कुछ रास्ता तो निकलेगा। अगर वे कुछ रास्ता नहीं निकालेंगे तो आगे आने वाले चुनावों में वे इसका परिणाम भुगतने पद सकते है |