घने जंगल में बच्चे का जन्म, ऐसे बचाकर लाए अस्पताल

मरवाही के ग्राम ढपनीपानी के जंगल में एक गर्भवती महिला प्रसव हो गया, जिसे महतारी एक्सप्रेस की टीम ने सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया है। रविवार की रात 9 बजे मरवाही के नवांचल ग्राम ढपनीपानी निवासी उर्मिला पात्रे पति सदन सिंह को प्रसव हुई।

दर्द बढ़ने पर उसी वक्त परिजनों ने महतारी एक्सप्रेस 102 की टीम से संपर्क किया। रात पौने दस बजे महतारी की टीम गांव में पहुंची। जहां प्रसूता की जांच से पता चला कि अब तब में डिलीवरी हो जाएगी,लेकिन गांव में प्रसव कराना सुरक्षित नहीं रहेगा।

गंभीर हालत को देखते हुए ईएमटी गणेश्वर प्रसाद और जितेंद्रकुमार जायसवाल ने प्रसूता को मरवाही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने के लिए निकल। गांव से कुछ दूर बीच जंगल में पहुंचने पर प्रसूता का दर्द तेज हो गया। तब कर्मचारियों ने गाड़ी में ही प्रसव कराने का निर्णय लिया।

इसके बाद दोनों ने मिलकर सीमित संसाधनों का उपयोग करते हुए सुरक्षित प्रसव कराया। इस मामले में बताया जा रहा है कि यदि महतारी एक्सप्रेस के पहुंचने में देरी हो जाती तो गंभीर परिणाम सामने आते।

दूरस्थ वनांचल ग्राम होने के कारण ऐसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं थी कि आपातकालीन दशा में गांव में डिलीवरी कराई जा सके। ऐसे में गंभीर परिणाम सामने आते, लेकिन महतारी की टीम ने स्थिति को संभालते हुए सुरक्षित प्रसव कराकर प्रसूता व नवजात दोनों की जान बचाई।

प्रसव होने के बाद टीम के कर्मचारी प्रसूता को लेकर मरवाही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए निकले। बीच रास्ते में उन्हें एक झोला नजर आया। झोला की जांच करने में उसमें 8 हजार रुपए के साथ एक स्मार्ट फोन मिला। बैग मरवाही के प्राथमिक स्कूल में पदस्थ शिक्षक रामनाथ भारद्वाज का पता मिला, तब उसके संपर्क कर स्र्पए समेत सभी सामान वापस किया।