घर पर ये मंत्री कर रहे थे छठ पूजा तभी खबर आई की सीडी हो गई है वायरल

रायपुर। पीडब्लूडी मंत्री राजेश मूणत को उनके खिलाफ कथित सेक्स सीडी वायरल होने की जानकारी शुक्रवार को तड़के 5 बजे लगी। इससे पहले वे गुरुवार आधी रात गुढियारी के तिलक नगर स्थित बालाजी मंदिर पहुंचे और भगवान के ब्रह्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल होकर बालाजी की पूजा की। बताते हैं कि मूणत छठपूजा के दौरान सुबह महादेव घाट व तालाबों पर घूम रहे थे
– पूजा करते समय एक वरिष्ठ भाजपा नेता को दिल्ली में सीडी वायरल होने की जानकारी मिली। उन्होंने मूणत से सीडी के बारे में पूछा तो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की। मंत्री को बताया गया कि उनके नाम से दिल्ली में कोई सीडी वायरल हो गई है। तब भी मूणत ने कहा कि मेरी क्यों होगी? इसके बाद मंत्री सीधे बंगले पहुंचे और मामले की तहकीकात में लग गए। उन्हें आज बिलासपुर के दौरे पर भी जाना था।
– बताते हैं कि भाजपा में मामले को लेकर पहले से सुगबुगाहट थी। प्रदेश प्रभारी अनिल जैन फिर राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सौदान सिंह के अचानक रायपुर पहुंचने को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। सिंह के साथ मंत्रियों व पदाधिकारियों की शुक्रवार को बैठक तय थी। सीएम हाउस में दोपहर सीएम के साथ मूणत अन्य मंत्रियों व प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक व अन्य के साथ बैठक के दौरान ही थाने में रिपोर्ट करने की रणनीति बनी।
– मंत्रियों ने सीएम को यह भी बताया कि प्रेस कांफ्रेंस अच्छी तरह निपट गई। इसके बाद वे ठाकरे परिसर में शाम को हुई भाजपा की बैठक में शामिल हुए। आधी रात तक मूणत समर्थकों, कार्यकर्ताओं व शुभचिंतकों से मिलते रहे। उन्होंने रात को पार्टी के विधि प्रकोष्ठ व शहर के कुछ नामी वकीलों के साथ भी विचार-विमर्श किया और मामले के कानूनी पहलुओं पर राय ली। उधर, मामले के शिकायतकर्ता प्रकाश बजाज सुबह से ही अंडर ग्राउंड है। उनका फोन भी बंद है।
ऐसे बनी पत्रकार को गिरफ्तार करने की रणनीति
– मंत्री मूणत के खिलाफ सीडी के खुलासे की भनक लगते ही छत्तीसगढ़ सरकार ने उसे जारी होने से रोकने के लिए काफी मशक्कत की। इसके लिए यूपी सरकार के ओहदेदारों से बात तक की गई। मंत्री के खिलाफ सीडी जारी होने के इनपुट सरकार और संगठन को एक सप्ताह पहले ही मिल चुके थे। मंत्री कौन है, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं थी। उधर कांग्रेस भी सीडी को जारी करने की प्लानिंग कर रही थी।
– भाजपा सूत्रों के अनुसार कांग्रेस की ओर से प्रकाश बजाज को गए फोन काॅल ने सरकार का काम आसन कर दिया। बजाज को काॅल करने वाले ने कहा था कि उसके आका के खिलाफ सीडी है। इसकी जानकारी बजाज ने पार्टी के बड़े नेताओं को दी। इनके जरिए ही मामला सरकार की जानकारी में पहुंचा। और फिर सरकारी तंत्र को सक्रिय किया गया।
– बताया गया कि गुरुवार को पंडरी थाने में शिकायत के बाद बजाज को गोपनीय जगह पर भेज दिया गया। इधर, सरकार के आला पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें तय की रणनीति के अनुसार रायपुर पुलिस ही हरकत में आई। विनोद वर्मा के साथ कांग्रेस के बड़े नेताओं की हलचल पर नजर रखी गई। इसी दौरान जानकारी मिली कि विनोद वर्मा गाजियाबाद में हैं और एक-दो दिन में रायपुर पहुंचकर सीडी कांग्रेस के सुपुर्द कर सकते हैं।
– तभी तय किया गया विनोद को दिल्ली में ही रोका जाए। इसके लिए सरकार के आला पदाधिकारी ने यूपी के अपने समकक्ष नेता से चर्चा कर गाजियाबाद पुलिस की मदद मांगी। बात होते ही गुरुवार दोपहर 2 बजे क्राइम ब्रांच के अफसरों को फ्लाइट से दिल्ली भेजा गया। उन्होंने गाजियाबाद पुलिस के साथ आधी रात विनोद वर्मा को गिरफ्तार कर लिया।