चपरासी को नियम बताना पड़ा महंगा, महिला बाबू ने की ऐसी हरकत

आरटीओ की महिला बाबू को चपरासी का नियम बताना इतना नागवार गुजरा कि उन्होंने उससे न केवल अभद्र व्यवहार किया, बल्कि गाली-गलौज तक कर डाली। गुस्साए चपरासी ने इसकी शिकायत भोपाल सहित आरटीओ से की, जिस पर आरटीओ ने मामले की जांच एआरटीओ को सौंपी है।

लाइसेंस शाखा में पदस्थ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नन्हेलाल रजक शनिवार दोपहर अपने एक परिचित को लेकर महिला बाबू उज्ज्वला गणवंशी के पास पहुंचे थे। उज्ज्वला के जिम्मे पुराने वाहनों के ट्रांसफर का काम है। नन्हे के परिचित ने एक गाड़ी खरीदी थी, जिसे ट्रांसफर करवाना था। उसके साथ गाड़ी का विक्रेता भी था।

नियमानुसार क्रेता-विक्रेता को उपस्थित होना चाहिए, तभी बाबू काम करती हैं। आरटीओ एमपी सिंह ने बताया कि नन्हे ने शिकायत में कहा है कि उज्ज्वला गणवंशी ने उनसे भी फोटो और दस्तावेज मांगे।

इस पर उन्होंने कहा कि नियमानुसार केवल के्रता-विक्रेता के दस्तावेजों की जरूरत है। इसलिए उनके दस्तावेज की जरूरत नहीं है। साथ ही छह माह बाद वे सेवानिवृत्त भी होने वाले हैं। इस पर उज्ज्वला भड़क गईं और अभ्रदता करते हुए गाली-गलौज की ।

बाबू ने भी लगाया आरोप

आरटीओ ने बताया कि उन्होंने मामले की जांच एआरटीओ अर्चना मिश्रा को सौंपी है। इधर, मंगलवार को मिश्रा ने दोनों के बयान लिए। इसमें उज्ज्वला ने भी नन्हेलाल पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। अब इस मामले में दूसरे प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए जाएंगे।

तबादला हुआ था, स्टे ले लिया

कुछ माह पहले हुए तबादलों में उज्ज्वला का ट्रांसफर हुआ था, लेकिन उन्होंने कोर्ट से स्टे ले लिया है। इधर, उनके व्यवहार को लेकर दूसरे बाबुओं को भी शिकायत है। घटना के बाद कई बाबुओं ने आरटीओ को इस बात की जानकारी दी है।