चित्रकूट उपचुनाव : गहरवार और अवस्थी के बीच टिकट की जोर आजमाइश

आगामी नौ नवंबर को होने वाले चित्रकूट उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रत्याशी कौन होगा, पार्टी तय नहीं कर पा रही है। टिकट को लेकर चित्रकूट के नेता दो जातियों के धड़ों में बंट गए हैं।

फिलहाल वहीं से पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार और पूर्व डीएसपी पन्नालाल अवस्थी के बीच टिकट की जोर आजमाइश चल रही है। माना जा रहा है कि चुनाव समिति के सदस्य और मंत्री राजेंद्र शुक्ल की राय टिकट में अहम रोल अदा करेगी।

उपचुनाव की तारीख घोषित होने के बाद चित्रकूट में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। नानाजी देशमुख शोध संस्थान से जुड़े भरत पाठक और नंदिता पाठक ने भी वहां अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।

बताया जाता है कि कुछ दिनों पहले भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान के कार्यक्रम में नंदिता पाठक भी शामिल हुई थीं। यहां 16 अक्टूबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी, इसलिए माना जा रहा है कि दीपावली के बाद तक ही प्रत्याशियों की घोषणा हो पाएगी।

फिलहाल भाजपा में जो सीन बन रहा है, उसमें पार्टी के पास दो चेहरे हैं। एक हैं पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार और दूसरे पूर्व डीएसपी पन्नालाल अवस्थी। दोनों का ही अपना-अपना नेटवर्क है।

अवस्थी के बारे में कहा जाता है कि मंदाकिनी नदी में साफ-सफाई करवाने के कारण वहीं उनका अच्छा प्रभाव है। जबकि गहरवार के बारे कहा जा रहा है कि उनका ग्रामीण इलाकों में बेहतर वर्चस्व है।

स्थानीय स्तर से लेकर राजधानी तक दोनों के समर्थक टिकट के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं पर निर्णायक फैसला चुनाव समिति में होगा। राजेंद्र शुक्ल समिति के सदस्य हैं, इसलिए माना जा रहा है कि उनकी राय पर पार्टी टिकट का फैसला करेगी।

कांग्रेस भी लगा रही पूरा जोर

विधानसभा चुनाव से पहले होने वाले ये चुनाव कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए संजीवनी का काम करेंगे, इसलिए कांग्रेस भी सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखने के लिए पूरा जोर लगा रही है। विधायक प्रेमसिंह के निधन से यह सीट खाली हुई थी, इसलिए पार्टी में विचार चल रहा है कि उन्हीं की दत्तक पुत्री को टिकट दे दिया जाए। इसके लिए नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह की राय पार्टी में महत्वपूर्ण होगी।