चीन के नापाक इरादों के बीच लद्दाख जाएंगे राष्ट्रपति कोविंद

डोकलाम विवाद और तिब्बत बॉर्डर पर टेंशन के बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपनी पहली आधिकारिक विजिट मे लद्दाख जाएंगे। ये वो वक्त है जब चीन लगातार भारत को अपनी सैन्य ताकत का डर दिखाकर खुद को बेहतर साबित करने की होड़ में लगा हुआ है।
राष्ट्रपति की इस विजिट को आर्म्ड फोर्सेज के मोरल को बूस्ड करने वाला बताया जा रहा है। राष्ट्रपति लद्दाख की पांच स्काउट बटालियन और इंडियन आर्मी के पैदल दस्ते के साथ वक्त बिताएंगे। राष्ट्रपति भवन के आधिकारियों के मुताबिक महामहिम की ये विजिट पूरे दिन की होगी।

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प्रेसिडेंट की ये यात्रा लद्दाख में चीनी सैनिकों की घुसपैठ के कुछ दिनों बाद होनी है। ऐसे में माना जा रहा है कि वहां तैनात सैनिकों का प्रेसिडेंट की इस यात्रा के बाद उत्साह बढ़ेगा। सूत्र बताते हैं कि राष्ट्रपति की ये यात्रा पीएम के जम्मू कश्मीर की स्थिति पर फोकस करने का ही हिस्सा है।