चैंपियंस ट्रॉफी: श्रीलंका के खिलाफ इन 5 गलतियों की चुकाई टीम इंडिया ने कीमत

जडेजा और पांड्या का महंगे स्पेल
पांड्या ने 7 ओवर मे 52 रन लुटाए तो वहीं जडेजा ने सिर्फ 6 ओर में 51 कर खर्च किए। पांड्या ने शुरुआती 2 ओवर में सिर्फ 3 रन ही दिए। इसका मतलब की अगले 5 ओवर में श्रीलंका ने करीब 10 की औसत से रन लुटाए। जडेजा का गेंदबाजी अनुशासनहीन नजर आई, तो पांड्या भी बाद के ओवरों में लाइन और लेंथ से भटक गए। ऑलराउंडर्स का फेल होना भारत के लिए बड़ा झटका रहा।
बुमराह और उमेश यादव का फेल होना
इस टूर्नामेंट के आगाज से पहले हर कोई भारतीय गेंदबाजी को सबसे खतरनाक आंक रहा था। मगर युवा श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने टीम इंडिया की गेंदबाजी की कलई खोल दी। भुवनेश्वर के अलावा किसी भी गेंदबाज को कोई सफलता नहीं मिली। उमेश यादव और जसप्रीत बुमराह के खिलाफ श्रीलंका ने मनमर्जी से शॉट खेले। बुमराह भी यॉर्कर डालने में नाकाम रहे।
खराब फील्डिंग
पाकिस्तान के खिलाफ मैच के बाद विराट कोहली ने कहा था कि उन्हें फील्डिंग में सुधार करने की जरूरत है। भले ही टीम इंडिया ने 2 रन आउट जरूर किए हैं, मगर टीम ने कई कैच छोड़े। केदार जाधव से लेकर युवराज तक और कोहली से लेकर पांड्या, टीम इंडिया ने करीब 10 कैच छोड़े। भारत की खराब फील्डिंग का फायदा श्रीलंका के बल्लेबाजों ने उठाया और जमकर चौके जड़े।
युवराज सिंह का आउट होना
पाकिस्ताान के खिलाफ मैच में ‘मैन ऑफ द मैच’ रहने वाले युवराज सिंह श्रीलंका के खिलाफ बद्किस्मती से आउट हुए। नंबर 4 पर बल्लेबाजी करने आए युवराज सिंह शुरू में संघर्ष करते नजर आए। गुणारत्ने की गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर सीधे बेल्स को ले उड़ी। इस मैच में युवराज यदि लंबी पारी खेलते, तो मैच का रुख कुछ और ही होता।

पहली पारी की ‘असफल’ अंत
मौजूदा दौरा में स्कोर बोर्ड पर 300-320 कोई बड़ा स्कोर नहीं माना जाता। भारत ने अंतिम 10 ओवरों में 103 रन बनाए, मगर वो 35वें ओवर के बाद गीयर बदलने में नाकाम रहे। 40वें से 46वें ओवर तक भारत ने पांड्या, धोनी का विकेट भी गंवा दिया। केदार जाधव ने कुछ अच्छे शॉट जरूर खेले मगर वो टीम को 350 तक ले जाने में नाकाफी रहे।