छात्रों के लिए राहत की बात, मिल सकते हैं ‘ग्रेस मार्क्स’

बिहार बोर्ड 12वीं के खराब नतीजों को देखते हुए यूपी बोर्ड ने अपने छात्रों के लिए कुछ अच्छा करने का विचार किया है और खबर है कि इस फैसले से यूपी बोर्ड का रिजल्ट बेहतर हो सकता है। आपको बता दें कि बिहार बोर्ड के खराब रिजल्ट को देखते हुए यूपी बोर्ड के छात्र भी घबराए नजर आ रहे हैं। छात्रों को चिंता है कि कहीं यूपी बोर्ड की परीक्षा में खुलेआम हुई नकल और पेपर लीक का असर उनकी आंसर शीट पर न नजर आए।
धड़ल्ले से हुए नकल का असर कहीं उनके रिजल्ट पर न पड़े लेकिन खबर है कि अब रिजल्ट में सख्ती नहीं की जाएगी बल्कि CBSE बोर्ड की तरह इसमें भी ‘मॉडिरेशन पॉलिसी’ का प्रयोग किया जा सकता है। मॉडिरेशन पॉलिसी के तहत यूपी बोर्ड के छात्रों को ‘ग्रेस मार्क्स’ मिल सकते हैं जिससे रिजल्ट में सुधार हो सकता है। इससे फेल छात्रों को पास होने का मौका मिलता है। साथ ही यूपी पास प्रतिशत में भी इजाफा होगा।

बिहार बोर्ड का 12वीं रिजल्ट काफी खराब आया है। बिहार बोर्ड के 64 फीसदी छात्र इस बार परीक्षा में फेल हो गए हैं। ऐसे में यूपी बोर्ड के छात्रों को भी चिंता सताने लगी है। उन्हें डर लगने लगा है कि कहीं वो भी इस सख्ती का शिकार न बन जाएं लेकिन यूपी सरकार नहीं चाहती कि शिक्षा के मामले में वो किसी भी राज्य से पीछे रह जाएं और शायद यही कारण है कि वो यूपी बोर्ड के रिजल्ट में सीबीएसई की तरह मॉडिरेशन पॉलिसी लागू करना चाहती है और इस पर विचार किया जा रहा है। हालांकि ऐसा होगा कि नहीं इस पर संस्पेंस बना हुआ है।

बोर्ड 9 जून को कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणाम घोषित कर सकता है। इस बार यूपी में हुए चुनाव के चलते एक तरफ जहां परीक्षा के शुरू होने में देरी हुई थी वहीं इसके रिजल्ट आने में भी देरी नजर आ रही है। पहले यूपी बोर्ड के रिजल्ट मई महीने के आखिरी तक आने वाले थे जो अब 9 जून को जारी होगा।

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