छोटे उद्यमों को कर्ज की किल्लत महज भ्रम : SBI रिपोर्ट

मुंबई। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के अर्थशास्त्रियों ने मंगलवार को छोटे उद्यमों को कर्ज की किल्लत संबंधी चिंता को महज भ्रम बताया। उन्होंने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद इस सेक्टर को मिले कर्ज में शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जीएसटी लागू होने के बाद लघु उद्यम सेक्टर की स्थिति को लेकर चिंता जताई जा रही थी। अर्थशास्त्रियों ने कहा कि यह भ्रम सूक्ष्म और लघु उद्यमों (एमएसई) के कर्ज में बढ़ोतरी को लेकर है।

अर्थशास्त्रियों ने ईकोरैप रिपोर्ट में कहा कि जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद प्राथमिकता वाले सेक्टर के कर्ज के रूप में एमएसई को दिया गया कर्ज पांच गुना बढ़कर 1.23 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो जीएसटी से पहले की समान अवधि में 25,700 करोड़ रुपये था।

रिपोर्ट के मुताबिक जीएसटी से पहले की अवधि में भी कर्ज में गिरावट का आंशिक कारण यह था कि समग्र तौर पर आर्थिक गतिविधियां धीमी हुई थी, गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) बढ़ रही थीं और फूड और एग्रो-प्रोसेसिंग इकाइयों का वर्गीकरण एमएसएमई से बदलकर कृषि सेक्टर के रूप में किया गया था।