जब गलत तरीके से लोन दिए जा रहे थे, उसी समय राहुल गांधी और नीरव मोदी की मुलाकात एक होटल में हुई थी : शहजाद पूनावाला

नई दिल्ली: बैंकिंग घोटाले के दो भगोड़े नीरव मोदी और विजय माल्यासे कौन-कौन मिलता और किसने मदद की, इसको लेकर बीजेपी और कांग्रेस के नेता हर रोज नया खुलासा कर रहे हैं. पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि दावोस सम्मेलन में पीएम मोदी के साथ नीरव मोदी भी था. इसके बाद बीते हफ्ते ही आरबीआई के पूर्व गर्वनर रघुराम राजन ने संसद की एक समिति के सामने बोला है कि यूपीए के समय हुआ कोयला घोटाला ही बैंक के डूबे कर्ज का बड़ा कारण था और बैंकरों ने हाथ खोलकर कर्ज बांटा था. इसके बाद विजय माल्या ने खुलासा कर दिया कि देश छोड़ने से पहले वो वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिला था. कांग्रेस के सांसद पीएल पुनिया ने दावा किया कि उन्होंनो जेटली को संसद के केंद्रीय कक्ष में माल्या से बात करते हुए देखा था. इसके बाद तो कांग्रेस ने जेटली से इस्तीफा मांग लिया.

मामला अभी थमा ही था कि पूर्व कांग्रेस नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि साल 2013 में राहुल गांधी और नीरव मोदी के बीच एक होटल में मुलाकात हुई थी. शहजाद पूनावाला, ‘श्री राहुल गांधी मैं आपको चुनौती देता हूं. मैं इस बाद चश्मदीद गवाह हूं कि सितंबर 2013 में नीरव मोदी और राहुल गांधी के बीच एक होटल में मुलाकात हुई थी. इसी समय नीरव मोदी और मेहुल चोक्सी को लोन दिये गये थे. मैं इसके लिये लाइ डिटेक्टर टेस्टके लिये भी तैयार हूं. क्या आप चुनौती स्वीकार करते हैं.

एक ट्वीट में शहजाद पूनावाला ने कहा,’अगर पीएल पुनिया के पास अरुण जेटली और विजय माल्या की मुलाकात का सबूत है तो मैं भी लाई डिटेक्टर टेस्ट से गुजर सकता हूं. जब मामा-भांजे (नीरव मोदी और मेहुल चोक्सी) को गलत तरीके से लोन दिये जा रहे थे उसी समय राहुल गांधी ने सितंबर 2013 में दिल्ली के इंपीरियल होटल में एक कॉकटेल पार्टी में नीरव मोदी से मुलाकात की थी.’

आपको बता दें कि शहजाद पूनावाला कुछ समय पहले तक कांग्रेस की ओर से बोलते थे लेकिन राहुल गांधी के कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने का उन्होंने विरोध करना शुरू कर दिया और अब वह कांग्रेस के खिलाफ बयान देते हैं.  फिलहाल नीरव और विजय माल्या को लेकर शुरू हुई बयानबाजी के बीच शहजाद पूनावाला का यह दावा कांग्रेस को परेशान कर सकता है.